अगर कंपनी हो जाए दिवालिया, तो क्या कर्मचारियों को मिलती है ग्रेच्युटी? जानिए अपने अधिकार

Grautity Rules: सरकार कंपनियों की तरफ से दी जाने वाली ग्रेच्युटी के नियमों में अहम बदलाव कर सकती है। दरअसल, अगर कंपनी दिवालिया हो जाती है तो कर्मचारियों की ग्रेच्युटी सुरक्षित नहीं होती है। कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड को कॉरपोरेट दिवालियापन से बचाने के लिए भारतीय कॉरपोरेशन को अलग फंड बनाने की जरूरत है

अपडेटेड Jan 04, 2023 पर 7:06 PM
Grautity Rules: सरकार कंपनियों की तरफ से दी जाने वाली ग्रेच्युटी के नियमों में अहम बदलाव कर सकती है।

Grautity Rules: सरकार कंपनियों की तरफ से दी जाने वाली ग्रेच्युटी के नियमों में अहम बदलाव कर सकती है। दरअसल, अगर कंपनी दिवालिया हो जाती है तो कर्मचारियों की ग्रेच्युटी सुरक्षित नहीं होती है। कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड को कॉरपोरेट दिवालियापन से बचाने के लिए भारतीय कॉरपोरेशन को अलग फंड बनाने की जरूरत है। यह सिफारिश एक हालिया रिपोर्ट में की गई थी, जिसे एक रिसर्च के बाद वित्त मंत्रालय को भेजा गया है। ये रिसर्च सरकार की तरफ से ही कराई गई है। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक वह सिफारिशों का अध्ययन करेंगे। सुझाए गए समाधान के लिए कारोबारियों को नियमित रूप से अपनी ग्रेच्युटी देनदारियों को कवर करने के लिए पैसा अलग करने के लिए कहा जाएगा। ऐसा करने से कर्मचारियों की तरफ से वेतन से काटे जाने वाला ग्रेच्युटी का पैसा सेफ रहेगा।

अभी ग्रेच्युटी को लेकर हैं ये नियम

अभी मौजूदा नियमों के तहत 10 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को हर साल आधे महीने की बेसिक सैलरी का कुछ हिस्सा ग्रेच्युटी के तौर पर देना होता है। जिन कर्मचारियों ने कंपनी में पांच साल की सेवा की है, वे ग्रेच्युटी पाने के अधिकारी होते हैं। कंपनियां ग्रेच्युटी का पैसा तब देती है जब कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़ते हैं। कर्मचारी के रिटायर होने या अन्य कारणों से नौकरी छोड़ने पर देती है। लेकिन ग्रेच्युटी का यह पैसा तब फंसता है जब कंपनी दिवालिया हो जाती है क्योंकि इसे लेकर अभी कोई क्लीयर नियम नहीं है।


सत्यम मामले के बाद आया नजर में

हाई-प्रोफाइल सत्यम मामले में कई कर्मचारियों को ग्रेच्युटी नहीं मिली, जिसके कारण ये मामला फोकस में आया। नोएडा स्थित इन्वेस्ट इंडिया इकोनॉमिक फाउंडेशन (IIEF) और यूएस-आधारित कंपनी AECOM की एक रिपोर्ट के मुताबिक ग्रेच्युटी को लेकर अलग ट्रस्ट कानून बनाए जानें की जरूरत है।

ग्रेच्युटी कानून में लाए जाने की मांग

जब भविष्य निधि (Provident Fund- PF) की पेमेंट की बात आती है तो इसकी गारंटी के लिए तमाम तरह के ट्रस्ट और सरकार दोनों की तरफ से गारंटी मिलती है लेकिन ग्रेच्युटी को लेकर ऐसा कोई नियम नहीं है। पीएफ को लेकर कानूनी गाइडलाइंस भी हैं। ग्रेच्युटी में निवेश को बचाने के लिए ग्रेच्युटी एकट है लेकिन ग्रेच्युटी की पेमेंट इस कानून के तहत नहीं आती। अब रिपोर्ट में इस कानून के तहत लाए जाने की रिक्वेस्ट की है।

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