ज्यादातर लोग सेविंग्स (Savings) को ज्यादा महत्व नहीं देते। वे इसे टालते रहते हैं। फिर उम्र 40-45 होने पर वे चिंतित हो जाते हैं। उन्हें इस बात का अफसोस रहता है कि वे पर्याप्त सेविंग्स करने से चूक गए। इनमें से कई लोग तो ऐसे होते हैं, जिनके पास पैसे की कमी नहीं होती है। वे अच्छी सैलरी कमा रहे होते हैं, लेकिन वे सिर्फ इसलिए सेविंग्स नहीं कर पाते, क्योंकि वे इसे लेकर गंभीर नहीं होते।
