HDFC Bank MCLR: भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक ने MCLR बढ़ा दिया है। MCLR बढ़ाने का मतलब है कि अब जल्द ग्राहकों का होम, कार और पर्सनल लोन महंगा हो जाएगा। ये नई दरें 7 दिसंबर से लागू मानी जाएगी। अब बैंक का ओवनाइन MCLR 8.20 फीसदी से बढ़कर 8.30 फीसदी हो गया है। बैंक ने अपने एक महीने के MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट यानी 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी की है। अब ये 8.25 फीसदी से बढ़कर 8.30 फीसदी हो गया है। अब तीन महीने का एमसीएलआर बढ़कर 8.35 फीसदी और छह महीने का बढ़कर 8.45 फीसदी हो गया है।
एचडीएफसी बैंक की वेबसाइट के मुताबिक बेंचमार्क एक साल का एमसीएलआर अब 8.60 फीसदी है, दो साल का एमसीएलआर बढ़कर 8.70 फीसदी हो गया है। तीन साल का एमसीएलआर 8.75 फीसदी से बढ़कर 8.80 फीसदी हो गया है। आरबीआई ने 1 अप्रैल 2016 से ब्याज दरों को MCLR बेस्ड कर दिया था। बैंकों के 1 अप्रैल 2016 से पहले दिये गये लोन पुराने बेस रेट BPLR पर ही चल रहे हैं। ग्राहक चाहें तो नये तरीके पर शिफ्ट हो सकते हैं, अगर उन्हें ये फायदेमंद लगता है। पिछले एक महीने में Bank of India, PNB और ICICI बैंक ने अपने MCLR में रेपो रेट बढ़ने के बाद बढ़ोतरी की थी।
पब्लिक सेक्टर बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने MCLR में 5 आधार अंकों यानी 0.05 फीसदी (BPS) की बढ़ोतरी की। अब एक साल का MCLR 8.10 प्रतिशत है, जो पहले 8.05 प्रतिशत था। छह महीने का MCLR अब 7.75 फीसदी से बढ़कर 7.80 फीसदी हो गया है।
प्राइवेट सेक्टर बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने एमसीएलआर में 10 आधार अंकों यानी 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी की है। बैंक अब ओवरनाइट और एक महीने के एमसीएलआर को 8.05 फीसदी से बढ़ाकर 8.15 फीसदी कर दिया गया है। इसके छह महीने और एक साल के एमसीएलआर भी बढ़कर क्रमशः 8.35 फीसदी और 8.40 फीसदी हो गया है। इसके तीन महीने के एमसीएलआर को 8.25 फीसदी से बढ़ाकर 8.35 फीसदी कर दिया गया है।
इस साल लगातार पांचवीं बार कल बुधवार को आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में तत्काल प्रभाव से 35 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर दी है। इससे रेपो रेट बढ़कर 6.25 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे सभी तरह के लोन महंगे हो जाएंगे और आपकी EMI थोड़ी और महंगी हो जाएगी। अगस्त 2018 के बाद से ये नीतिगत दरें यानी रेपो रेट अपने उच्चतम स्तर पर है। RBI ये सब महंगाई दर पर काबू पाने के लिए कर रहा है।