HDFC Bank: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को राहत दी है। बैंक ने बिजनेस लोन और होम लोन से जुड़ी दरों को घटा दिया है। यानी, आने वाले समय में ग्राहकों को नया बिजनेस, होम लोन सस्ता मिल सकता है। HDFC बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लैंडिंग रेट (MCLR) में 5 बेसिस पॉइंट (0.05%) तक की कटौती की है। यह नई दरें आज 7 अप्रैल 2026 से लागू हो गई हैं। इस बदलाव के बाद बैंक की MCLR दरें अब 8.10% से 8.55% के बीच हो गई हैं, जो पहले 8.15% से 8.55% थीं।
MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिसके नीचे बैंक आमतौर पर लोन नहीं दे सकते। इसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने Reserve Bank of India ने 2016 में लागू किया था। यह दर बैंक के फंड जुटाने की लागत, ऑपरेटिंग खर्च और अन्य फैक्टर्स के आधार पर तय होती है। अलग-अलग पीरियड के लिए यह दरें अलग होती हैं।
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
MCLR में कटौती का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जिनके लोन शॉर्ट-टर्म MCLR से जुड़े हैं। जैसे बिजनेस लोन या वर्किंग कैपिटल लेने वाली कंपनियां, शॉर्ट-टर्म लोन लेने वाले ग्राहक आदि। ऐसे ग्राहकों की EMI या ब्याज का बोझ थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन यह फायदा अगली रीसेट डेट के बाद ही दिखेगा।
ज्यादातर होम लोन और पर्सनल लोन 1 साल की MCLR से जुड़े होते हैं, जिसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए आम रिटेल ग्राहकों को तुरंत ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
कल RBI MPC में होगा रेपो रेट पर फैसला
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक चल रही है और कल बुधवार 8 अप्रैल को नतीजे आने हैं। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतें और महंगाई जैसे फैक्टर ब्याज दरों को प्रभावित कर रहे हैं। कुल मिलाकर यह कटौती छोटी जरूर है, लेकिन यह संकेत देती है कि आने वाले समय में ब्याज दरों में और बदलाव संभव हैं।