मार्केट रेगुलेटर सेबी ने एनबीएफसी कंपनी HDFC AMC के प्रबंधन नियत्रंण में फेरबदल के लिए HDFC को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी 4 अगस्त को मिली है। इसके अलावा एचडीएफसी को आरबीआई और स्टॉक एक्सचेजों से भी HDFC AMC के प्रबंधन नियत्रंण में बदलाव की इस तरह की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि अभी इस पर NCLTकी मंजूरी मिलनी बाकी है। बतातें चलें कि HDFC AMC के प्रबंधन नियंत्रण में यह बदलाव एचडीएफसी के एचडीएफसी बैंक के साथ हुए मर्जर डील का ही एक हिस्सा है।
गौरतलब है कि आज के कारोबार में बीएसई पर HDFC के शेयर 6.65 रुपये यानी 0.28 फीसदी टूटकर 2353.75 रुपये के स्तर पर बंद हुए हैं। कंपनी का मार्केट कैप 427079.97 करोड़ रुपये है।
एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक मर्जर योजना को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) समेत अन्य आवश्यक मंजूरियां पहले ही मिल गई हैं।दोनों वित्तीय संस्थानों ने इस साल 4 अप्रैल को विलय की घोषणा की थी। एचडीएफसी लि. का एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में होने वाला मर्जर दो चरणों में होगा। पहले चरण में HDFC लिमिटेड की सब्सिडियरियों का HDFC में मर्जर होगा। इसके तहत HDFC इन्वेस्टमेंट और HDFC होल्डिंग्स का HDFC में मर्जर होना है। सब्सिडियरियों के मर्जर के बाद HDFC बैंक में HDFC का मर्जर होगा। इस मर्जर (HDFC Bank-HDFC Merger) के बाद HDFC Bank में HDFC के शेयर डिजॉल्व होंगे।
दोनों कंपनियों के बीच इस मर्जर के लिए 40 अरब डॉलर की डील हुई है। मर्जर के बाद एचडीएफसी बैंक के पास 18 लाख करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी होगी। अनुमान है कि एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के बीच का यह मर्जर वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में पुरा हो जाएगा। मर्जर की यह प्रक्रिया पूरी तरह से रेगुलेटरों पर निर्भर है। इन्ही मंजूरियों के क्रम में आज एचडीएफसी को सेबी से एचडीएफसी एएमसी के प्रबंधन नियत्रंण में बदलाव की मंजूरी मिली है।