EPFO FY26 Interest Credited in One Go: देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इतिहास रचते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए करीब 35 करोड़ सदस्य खातों में ब्याज का पैसा क्रेडिट कर दिया है। सबसे खास बात यह है कि इस बार ब्याज का पूरा पैसा 15 जुलाई को ही सभी खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है, जबकि पिछले साल यह प्रक्रिया सितंबर तक चली थी।
इस बार कुल ₹1.44 लाख करोड़ की ब्याज राशि को नए केंद्रीय डेटाबेस के जरिए ऑटो-प्रोसेस किया गया है। आइए जानते हैं कि इस बार ईपीएफओ ने इतनी जल्दी पैसा कैसे ट्रांसफर किया और आप अपना बैलेंस कैसे चेक कर सकते हैं।
इतिहास में पहली बार इतनी जल्दी कैसे आया ब्याज?
इस साल ब्याज का पैसा रिकॉर्ड समय में क्रेडिट होने के पीछे ईपीएफओ का एक बड़ा तकनीकी बदलाव सेंट्रलाइज्ड नेशनल डेटाबेस है। ईपीएफओ ने अपने देश भर के क्षेत्रीय केंद्रों में फैले 123 अलग-अलग डेटाबेस को मिलाकर एक सिंगल नेशनल डेटाबेस में बदल दिया है।
इस महा-अभियान के तहत करीब 1,700 करोड़ ट्रांजैक्शन और एंप्लॉयर रिकॉर्ड्स को नए सिस्टम पर ट्रांसफर किया गया। 30 जून को यह माइग्रेशन पूरा हुआ, जिसके बाद ऑटोमेटेड सिस्टम से तुरंत ब्याज कैलकुलेट करके फील्ड अधिकारियों द्वारा वेरिफाई किया गया। सिस्टम अपग्रेड होने के साथ ही ईपीएफओ ने एक झटके में ₹3,000 करोड़ रुपये के लगभग 11 लाख पेंडिंग क्लेम भी सेटल कर दिए हैं।
कैसे चेक करें कि ब्याज का पैसा आया या नहीं?
ईपीएफओ मेंबर नीचे दिए गए आसान तरीकों से अपना अपडेटेड बैलेंस और ब्याज चेक कर सकते हैं:
EPFO मेंबर पासबुक पोर्टल (e-Sewa):
क्या पासबुक में एंट्री दिखने में देरी होने पर नुकसान होगा?
बिल्कुल नहीं, ईपीएफओ ने साफ किया है कि सिस्टम माइग्रेशन के कारण अगर किसी सदस्य की पासबुक में ब्याज की रकम तुरंत नहीं दिख रही है, तो भी उन्हें ₹1 का भी नुकसान नहीं होगा। ईपीएफ योजना, 1952 के पैराग्राफ 60 के तहत, ब्याज की गणना हर महीने के रनिंग बैलेंस पर की जाती है। पासबुक में एंट्री देर से दिखने पर भी आपका ब्याज सुरक्षित रहता है और पूरा पैसा मिलता है।