क्या आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (Health Insurance Policy) है? अगर नहीं है तो जल्द एक खरीद लीजिए। अगर आपकी शादी हो गई है और बच्चे भी हैं तो फ्लोटर पॉलिसी खरीदना ठीक रहेगा। इसकी वजह यह है कि इलाज पर आने वाला खर्च तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना की महामारी के दौरान इलाज पर लोगों का काफी पैसा खर्च हो गया। यही वजह है कि इस महामारी के बाद हेल्थ पॉलिसी की डिमांड बढ़ गई है।
आम तौर पर लोग एनुअल पॉलिसी खरीदते हैं। इसे हर साल रिन्यू कराना पड़ता है। आप मल्टी-ईयर हेल्थ पॉलिसी खरीदने के बारे में भी सोच सकते हैं। इस पॉलिसी में आपको एक बार में दो या तीन साल का प्रीमियम चुकाने की सुविधा मिलती है। इस पॉलिसी के कई फायदे हैं।
यह पॉलिसी पॉलिसीहोल्डर को दोनों तरह का ऑप्शन ऑफर करती है। वह दो या तीन साल का प्रीमियम एक बार में चुका सकता है या इसे किस्तों में भी चुका सकता है। इससे पॉलिसी को हर साल रिन्यू कराने का झंझट नहीं रहता है। आपको पॉलिसी रिन्यूएल डेट याद रखने की जरूरत नहीं रहती।
मल्टी-ईयर हेल्थ पॉलिसी में प्रीमियम में अतिरिक्त डिस्काउंट मिलता है। यह डिस्काउंट 5 से 10 फीसदी तक हो सकता है। ऐसे वक्त जब प्रीमियम चुकाने में काफी पैसा अकाउंट से निकल जाता है तो 5 से 10 फीसदी का डिस्काउंट बहुत मायने रखता है।
इस पॉलिसी की एक बड़ी खासियत इसका लॉक-इन बेनेफिट है। इसका मतलब है कि पॉलिसी की पूरी अवधि के दौरान प्रीमियम फिक्स्ड रहता है। नॉर्मल पॉलिसी में इंश्योरेंस कंपनियां समय-समय पर प्रीमियम बढ़ाती रहती है। इससे पॉलिसीहोल्डर पर बोझ बढ़ जाता है।
मल्टी-ईयर पॉलिसी में भी पॉलिसीहोल्डर को टैक्स बेनेफिट मिलता है। कोई व्यक्ति खुद या पूरे परिवार के लिए एक साल में 25000 रुपये के प्रीमियम पेमेंट पर टैक्स बेनेफिट का दावा कर सकता है। नॉर्मल पॉलिसीज को समय पर रिन्यू कराना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर पॉलिसी लैप्स हो जाने का डर रहता है। मल्टी-ईयर पॉलिसी में पूरी अवधि के दौरान आपको प्रोटेक्शन मिलता रहता है।
इस पॉलिसी में आप अपनी सुविधा के अनुसार किश्तों में प्रीमियम पेमेंट कर सकते हैं। इससे सेविंग के लिए रास्ता खुला रहता है, क्योंकि एक बार में बहुत ज्यादा अमाउंट प्रीमियम चुकाने पर खर्च नहीं होता है। अगर आपने अब तक पॉलिसी नहीं ली है तो आपको एक बार मल्टी-ईयर पॉलिसी के बारे में जरूरी जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए।