SIP Investment Plan: नौकरीपेशा लोगों और युवाओं के बीच म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश करने का ट्रेड चल रहा है। अगर आपका लक्ष्य भी आने वाले कुछ सालों में ₹10 लाख का फंड तैयार करना है, तो इसके लिए एक सही प्लानिंग और अनुशासन की जरूरत होती है।

SIP Investment Plan: नौकरीपेशा लोगों और युवाओं के बीच म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश करने का ट्रेड चल रहा है। अगर आपका लक्ष्य भी आने वाले कुछ सालों में ₹10 लाख का फंड तैयार करना है, तो इसके लिए एक सही प्लानिंग और अनुशासन की जरूरत होती है।
एसआईपी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आपको एक साथ मोटी रकम लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि आप हर महीने एक निश्चित राशि से शुरुआत कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि अलग-अलग समय सीमा के हिसाब से ₹10 लाख का फंड बनाने के लिए आपको हर महीने कितनी एसआईपी करनी होगी।
रिटर्न का अनुमान: 12% का औसत फॉर्मूला
लॉन्ग टर्म में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का औसत सालाना रिटर्न करीब 12% मानकर चला जाता है। हालांकि, बाजार के जोखिमों के कारण यह कम या ज्यादा भी हो सकता है। इसी 12% के अनुमानित रिटर्न के आधार पर जानते हैं ₹10 लाख का फंड बनाने का गणित।
1. 3 साल में ₹10 लाख का फंड
अगर आप बहुत कम समय यानी अगले 3 साल में ही यह लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं, तो आपको भारी-भरकम निवेश करना होगा।
जरूरी मासिक SIP: करीब ₹23,218 महीना
3 साल में कुल निवेश: ₹8.35 लाख
अनुमानित रिटर्न/ब्याज: ₹1.64 लाख
2. 5 साल में ₹10 लाख का फंड
मध्यम अवधि यानी 5 साल के लक्ष्य के लिए निवेश की राशि काफी कम हो जाती है, क्योंकि यहाँ कंपाउंडिंग को थोड़ा और समय मिलता है।
जरूरी मासिक SIP: करीब ₹12,244 महीना
5 साल में कुल निवेश: ₹7.34 लाख
अनुमानित रिटर्न/ब्याज: ₹2.65 लाख
3. 7 साल में ₹10 लाख का फंड
अगर आपके पास 7 साल का समय है, तो आप हर महीने एक सामान्य रकम बचाकर भी इस टारगेट को छू सकते हैं।
जरूरी मासिक SIP: करीब ₹7,500 महीना
7 साल में कुल निवेश: ₹6.30 लाख
अनुमानित रिटर्न/ब्याज: ₹3.70 लाख
4. 10 साल में ₹10 लाख का फंड
लॉन्ग टर्म यानी 10 साल की प्लानिंग करने वालों के लिए यह राह बेहद आसान है। यहाँ आपका ब्याज आपके मूलधन पर भारी पड़ने लगता है।
जरूरी मासिक SIP: करीब ₹4,347 महीना
10 साल में कुल निवेश: ₹5.21 लाख
अनुमानित रिटर्न/ब्याज: ₹4.78 लाख
'स्टेप-अप SIP' से काम होगा और आसान
अगर शुरुआत में आपके पास ₹12,000 या ₹7,000 की बड़ी एसआईपी करने का बजट नहीं है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। आप स्टेप-अप एसआईपी का विकल्प चुन सकते हैं। इसमें आप हर साल अपनी सैलरी बढ़ने के साथ-साथ एसआईपी की रकम को भी 5% या 10% बढ़ा देते हैं।
मान लीजिए आप आज ₹3,000 से शुरुआत करते हैं और हर साल इसमें सिर्फ 10% की बढ़ोतरी करते हैं, तो आप सामान्य एसआईपी के मुकाबले बहुत पहले ही ₹10 लाख का फंड बना लेंगे।
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय इन बातों का रखें ध्यान
1- एसआईपी के शुरुआती 2-3 सालों में फंड छोटा होने के कारण कंपाउंडिंग का जादू स्क्रीन पर तुरंत नहीं दिखता। असली वेल्थ क्रिएशन आखिरी के सालों में होती है जब आपका बेस बड़ा हो जाता है।
2- बाजार में गिरावट आने पर भी अपनी एसआईपी को कभी बंद न करें। मंदी के समय आपको सस्ती NAV पर ज्यादा म्यूचुअल फंड यूनिट्स अलॉट होती हैं, जो बाद में बाजार चढ़ने पर बंपर मुनाफा देती हैं।
3- अपने वित्तीय सलाहकार से बात करके लार्ज-कैप, फ्लेक्सी-कैप या मिड-कैप फंड्स का एक सही पोर्टफोलियो चुनें।
नोट: यह गणना 12% के अनुमानित सालाना रिटर्न पर आधारित है। म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले स्कीम के दस्तावेज जरूर पढ़ें।
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