Retirement Planning SIP Calculation: रिटायरमेंट के समय ₹2 करोड़ का बड़ा फंड तैयार करना सुनने में बहुत लुभावना लगता है। लेकिन अगर आप 40 साल के हो चुके हैं और 60 की उम्र तक यह टारगेट पाना चाहते हैं, तो आपको हर महीने जेब से कितनी रकम निकालनी होगी? और सोचिए, अगर यही काम आपने 25 या 30 की उम्र में शुरू कर दिया होता, तो आपकी जेब पर कितना कम बोझ पड़ता?
फंड्सइंडिया की 'वेल्थ कन्वर्सेशंस रिपोर्ट' के आंकड़ों और 12% के अनुमानित सालाना रिटर्न के आधार पर समझते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ आपकी मंथली SIP की रकम कैसे कई गुना बढ़ जाती है।
₹2 करोड़ का फंड: किस उम्र में कितनी मंथली SIP चाहिए?
मान लीजिए आपका लक्ष्य 60 वर्ष की आयु में ₹2 करोड़ का फंड तैयार करना है। 12% सालाना रिटर्न के हिसाब से आपकी उम्र के मुताबिक मंथली SIP का हिसाब-किताब कुछ ऐसा रहेगा:
(नोट: मूल रिपोर्ट में ₹10 करोड़ के टारगेट के लिए क्रमशः ₹15,396, ₹28,329, ₹52,697 और ₹1,00,085 की मंथली SIP का गणित बताया गया था। यानी ₹2 करोड़ के टारगेट के लिए ठीक इसकी 5वीं हिस्से की रकम लगेगी)।
उम्र बढ़ने पर SIP की रकम इतनी तेजी से क्यों बढ़ती है? इसका सीधा जवाब है पावर ऑफ कंपाउंडिंग। जब आप 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं, तो आपके पैसे को 35 साल तक लगातार बढ़ने का मौका मिलता है। ऐसे में आपके पैसों पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे चलकर रिटर्न बनाता है।
अगर आप 40 की उम्र में शुरुआत करते हैं, तो आपके पास केवल 20 साल बचते हैं। 15 साल कम होने के कारण ₹2 करोड़ के टारगेट तक पहुंचने का सारा दबाव आपकी जेब (मंथली SIP) पर आ जाता है। यही वजह है कि 40 की उम्र में आपको 25 की तुलना में 6 गुना से ज्यादा मंथली SIP देनी पड़ती है।
अगर शुरुआत में ज्यादा पैसे न हों तो क्या करें?
करियर की शुरुआत (25-30 साल) में सैलरी अक्सर कम होती है, इसलिए हर महीने बड़ी रकम निवेश करना मुश्किल हो सकता है। इसका सबसे व्यावहारिक तरीका है स्टेप-अप एसआईपी।
आप अपनी सहूलियत के हिसाब से छोटी रकम (जैसे- ₹1,500 या ₹2,000) से शुरुआत करें और हर साल सैलरी बढ़ने के साथ SIP की रकम में 5% या 10% का इजाफा करते जाएं। इससे बिना किसी बड़े वित्तीय दबाव के आपका टारगेट आसानी से पूरा हो जाएगा।
इस कैलकुलेशन में दो सबसे बड़े पेच
12% रिटर्न की गारंटी नहीं: यह पूरी कैलकुलेशन 12% के संभावित औसतन सालाना रिटर्न पर आधारित है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होते हैं, इसलिए रिटर्न कम या ज्यादा भी हो सकता है।
महंगाई का असर: आज का ₹2 करोड़ रुपये, आज से 20 या 35 साल बाद महंगाई के कारण उतना शक्तिशाली नहीं रहेगा। इसलिए रिटायरमेंट का सही प्लान बनाते समय हमेशा भविष्य के खर्चों और महंगाई दर को ध्यान में रखकर ही टारगेट सेट करना चाहिए।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।