आपके साथ भी ऐसा कई बार होगा कि ATM से कैश निकालते हुए ट्रांजैक्शन फेल होने की वजह पैसे अटक जाते हैं। लेकिन दूसरी तरफ आपके पास खाते से पैसे कटने का मैसेज भी आ जाता है। कभी ना कभी आपके साथ भी ऐसा हुआ होगा।

फिस्कल ईयर 2018 में बैंकिंग ऑम्बुड्समैन के पास जितनी शिकायतें आई हैं उनमें से 10 फीसदी यानी 16,000 सिर्फ ATM ट्रांजैक्शन से जुड़े हैं। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, ATM से जुड़ी शिकायतों में 50 फीसदी का उछाल आया है।

क्या आप ये जानते हैं?

बहुत कम लोगों को यह जानकारी है कि ATM फेल होने की वजह से अगर आपके सेविंग्स अकाउंट से पैसे कट जाते हैं तो बैंक की तरफ से आपको मुआवजा मिलेगा। शिकायत करने के 7 दिनों के भीतर अगर आपका पैसा वापस नहीं आता तो बैंक को हर दिन 100 रुपए के हिसाब से मुआवजा देना होगा। रिजर्व बैंक का यह कानून 1 जुलाई 2011 से लागू है।

ATM से ट्रांजैक्शन से कुछ और भी नियम हैं जिनकी जानकारी आपको होनी चाहिए। यह नियम दूसरे बैंक के ATM और लेबल ATM पर भी लागू है।

आप अपना डेबिट कार्ड अपने बैंक के ATM में इस्तेमाल कर रहे हों या किसी दूसरे बैंक के या फिर व्हाइट लेबल ATM में। पैसे फंसने के बाद जितनी जल्दी हो सके शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

RBI के मुताबिक, बैंकों को अपने ATM बॉक्स पर नाम, कॉन्टैक्ट नंबर, टोल फ्री नंबर, हेल्प डेस्क नंबर और इससे जुड़े अधिकारियों के नंबर लिखा रहना चाहिए।

अगर ATM से पैसा निकालते हुए आपका पैसा फंस जाता है तो बैंक को 7 कामकाजी दिनों के भीतर आपकी यह समस्या सुलझानी होगी। 

1 जुलाई 2011 से RBI के नियमों के मुताबिक, अगर 7 कामकाजी दिनों में पैसे वापस नहीं आते हैं तो बैंक को 100 रुपए प्रति दिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा। मुआवजे की रकम कस्टमर के खाते में आनी चाहिए। लेकिन यह मुआवजा लेने के लिए जरूरी है कि आप पैसे फंसने के 30 दिनों के भीतर शिकायत करें।

अगर दिए गए वक्त में बैंक कस्टमर की शिकायत दूर नहीं करता है तो कस्टमर 30 दिनों के भीतर बैंकिंग ओम्बुड्समैन से शिकायत कर सकता है।