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Income Tax Calculations: पहले नई और पुरानी रीजीम में अपना टैक्स जान लें, फिर सही रीजीम का करें चुनाव

Income Tax old regime Vs New regime: नई रीजीम में टैक्स के रेट्स कम हैं, लेकिन ज्यादातर डिडक्शन का फायदा नहीं मिलता है। यह रीजीम उन लोगों के लिए सही है जो टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट नहीं करते हैं। अगर आप इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी, सेक्शन 80डी और सेक्शन 24बी के तहत मिलने वाले डिडक्शन का पूरा फायदा नहीं उठाते हैं तो फिर इनकम टैक्स की नई रीजीम आपके लिए फायदेमंद है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 25, 2025 पर 2:24 PM
Income Tax Calculations: पहले नई और पुरानी रीजीम में अपना टैक्स जान लें, फिर सही रीजीम का करें चुनाव
ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल ज्यादातर इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स सिर्फ डिडक्शन का फायदा उठाने के लिए करते हैं।

इनकम टैक्स की नई और पुरानी रीजीम को लेकर कई टैक्सपेयर्स कनफ्यूज्ड हैं। सरकार ने इनकम टैक्स की नई रीजीम को डिफॉल्ट रीजीम बना दी है। इसका मतलब है कि नौकरी करने वाला कोई व्यक्ति अगर अपने एंप्लॉयर के फाइनेंस डिपार्टमेंट को यह नहीं बताता है कि वह ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करना चाहता है तो यह मान लिया जाएगा कि नई रीजीम उसकी चॉइस है। नई रीजीम और पुरानी रीजीम के बीच सबसे बड़ा फर्क डिडक्शन और टैक्स स्लैब के मामले में है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

नई रीजीम किसके लिए फायदेमंद है?

नई रीजीम में टैक्स के रेट्स कम हैं, लेकिन ज्यादातर डिडक्शन का फायदा नहीं मिलता है। यह रीजीम उन लोगों के लिए सही है जो टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट नहीं करते हैं। अगर आप इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी, सेक्शन 80डी और सेक्शन 24बी के तहत मिलने वाले डिडक्शन का पूरा फायदा नहीं उठाते हैं तो फिर इनकम टैक्स की नई रीजीम आपके लिए फायदेमंद है। इसमें टैक्स का कैलकुलेशन भी आसान है। इसमें 4 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं लगता है।

नई रीजीम में टैक्स के रेट्स क्या हैं?

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