Income Tax Reutrn: आयकर विभाग अब ऑटोमेटेड डेटा मैचिंग, एआई आधारित जोखिम आकलन और सिस्टम आधारित वेरिफिकेशन का तेजी से इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में टैक्सपेयर्स के लिए यह सुनिश्चित करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है कि उनकी आयकर रिटर्न (ITR) में दी गई जानकारी विभाग के पास मौजूद रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाती हो।
