भारत की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी Infosys इस महीने यूबी प्रवीण राव के सेवानिवृत्त होने के साथ चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर का पद समाप्त कर देगी। घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि इसके बजाय, कंपनी अब अपने प्रमुख लीडर्स को अतिरिक्त जिम्मेदारियां देते हुए एक लीडरशिप स्ट्रक्चर तैयार करेगी।
शीर्ष स्तर पर स्थायित्व लाने का लक्ष्य
Infosys का एक पद के बजाय एक लीडरशिप टीम तैयार करने के फैसले का उद्देश्य शीर्ष स्तर पर स्थायित्व और निरंतरता सुनिश्चित करना है। यह इसलिए भी अहम है, क्योंकि सॉफ्टवेयर सेवाओं के लिए बाजार के तेज विकास के बीच ग्रोथ में दमदार मजबूती देखने को मिल रही है।
इससे पहले, उसकी तगड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनी विप्रो ने भी जून में बीएम भानुमूर्ति के सेवानिवृत्त होने के बाद सीओओ का पद खत्म कर दिया था।
लीडरशिप स्ट्रक्चर में बदलाव
राव के सेवानिवृत्त होने के साथ, प्रेसिडेंट रवि कुमार एस इमिग्रेशन, साइबर सिक्योरिटी, प्रोक्योरमेंट और इंडिया बिजनेस यूनिट का कमान संभालेंगे। सूत्रों के मुताबिक, प्रेसिडेंट मोहित जोशी को इन्फोर्मेशन सिस्टम और कंप्यूटर्स व कम्युनिकेशंस का अतिरिक्त कार्यभार मिलेगा।
एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (ईवीपी) कर्मेश वासवानी क्वालिटी की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे। ग्रुप एचआर हेड कृष शंकर को टैलेंट एक्विजिशन का भी प्रभार मिलेगा।
ग्रुप जनरल काउंसिल इंदरप्रीत साहनी प्राइवेसी और डाटा प्रोटेक्शन के भी इंचार्ज होंगे। सीएफओ नीलांजन रॉय इन्फ्रा, फैसिलिटीज, फिजिकल सिक्योरिटी के भी इंचार्ज होंगे और एसवीपी राफी तरफदार सीटीओ का चार्ज मिलेगा, जो प्रेसिडेंट कुमार को रिपोर्ट करेंगे। ईवीपी दिनेश राव और सतीश एचसी डिलिवरी के को-हेड होंगे और कुमार को रिपोर्ट करेंगे।
सीईओ सलिल पारेख ने अक्टूबर में कर दी थी घोषणा
कंपनी की अक्टूबर में की गई घोषणआ के क्रम में ये बदलाव किए गए हैं, उस समय नतीजों से संबंधित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीईओ सलिल पारेख ने कहा था, “यह प्रवीण के सेवानिवृत्त होने से पहले की आखिरी तिमाही होगी। हम आने वाले हफ्तों में भविष्य के नए स्ट्रक्चर का ऐलान करेंगे।”
इन्फोसिस के साथ वर्ष 1986 में जुड़ने के बाद, अपने 35 साल के कार्यकाल के दौरान राव ने एंटरिम चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट सर्विसेज के हेड, यूरोप हेड, रिटेल, कंज्यूमर पैकेज्ड गुड्स, लॉजिस्टिक्स एंड लाइफ साइसेंस के हेड सहित कई अहम पद संभाले। वह 2014 में सदस्य के रूप में कंपनी के बोर्ड में शामिल हुए थे।