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इंश्योरेंस को ना समझें निवेश का जरिया

कार्तिक झवेरी का कहना है कि निवेशकों को इंश्योरेंस को निवेश प्रोडक्ट मानकर निवेश नहीं करना चाहिए।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 12, 2013 पर 12:00 PM
इंश्योरेंस को ना समझें निवेश का जरिया

ट्रांसेड कंसल्टेंसी के सीईओ कार्तिक झवेरी का कहना है कि निवेशकों को इंश्योरेंस को निवेश प्रोडक्ट मानकर निवेश नहीं करना चाहिए। इंश्योरेंस पॉलिसी रिस्क कवर के लिए ही लेनी चाहिए। आइए जानते हैं इंश्योरेंस से जुड़ी उलझनों पर कार्तिक झवेरी की सलाह -

सवाल : 2008 में अवीवा का यूलिप प्लान लिया था। एजेंट ने कहा था 3 साल प्रीमियम दे कर, 4 साल में पैसे निकाल सकते हैं। 2012 जून में मैसेज आया कि पॉलिसी अपने आप बंद हो चुकी है और 10,000 रुपये का चेक भेजा जा चुका है। लेकिन मुझे कोई चेक नहीं मिला है। मुझे क्या करना चाहिए?

कार्तिक झवेरी : आपको अवीवा के ऑफिस जा कर पॉलिसी के बारे में पता करना चाहिए। अगर आपने सरेंडर फॉर्म साइन कर दिया था, तभी आपकी पॉलिसी बंद हो सकती है।

सवाल : मेरी उम्र 32 साल है। मेरे पास आईसीआईसीआई प्रु से 50 लाख रुपये कवर का टर्म प्लान है। अब कवर बढ़ाकर 1 करोड़ करना है। अवीवा आई लाइफ 35 साल के लिए सालाना 9200 रुपये के प्रीमियम पर 1 करोड़ रुपये का कवर दे रही है। क्या आईसीआईसीआई प्रु का कवर बंद करके, नया प्लान लेना चाहिए?

कार्तिक झवेरी : आप आईसीआईसीआई प्रु का टर्म प्लान बंद करके अवीवा आई लाइफ का टर्म प्लान जरूर ले सकते हैं। लेकिन पहले आपको अपना 1 करोड़ रुपये का इश्योरेंस कराना होगा और फिर उसके बाद आप आईसीआईसीआई प्रु पॉलिसी बंद कराने के लिए अर्जी दें। 

सवाल : जनवरी 2012 में सालाना 20,000 रुपये प्रीमियम का एचडीएफसी यंगस्टार सुपर प्लान लिया था। अभी उसकी फंड वैल्यू 18,587 रुपये है। क्या पॉलिसी पूरे टर्म के लिए रखना चाहिए या फिर जब बढ़िया रिर्टन दिख रहा हो, तो पैसे निकाल लेने चाहिए? क्या फंड्स स्विच करने से बढ़िया रिटर्न मिल सकता है?

कार्तिक झवेरी : एचडीएफसी यंगस्टार सुपर प्रीमियम एक यूनिट लिंक्ड चाइल्ड प्लान है जिसमें पेरेंट को लाइफ कवर मिलता है और बच्चे का भविष्य सुरक्षित होता है। इसमें 5 फंड में निवेश का विकल्प है। इस पॉलिसी में 1-7 साल तक 4 फीसदी एलोकेशन चार्ज होता है और 8 वें साल से 1 फीसदी एलोकेशन चार्ज लगता है। साल के फंड वैल्यू का 1.35 फीसदी फंड मैनेजमैंट चार्ज करता है।

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