माता-पिता बच्चों के फ्यूचर को सिक्योर करना चाहते हैं। अगर उनका फ्यूचर सिक्योर होने के साथ-साथ टैक्स सेविंग्स भी हो जाए तो इससे अच्छा क्या होगा। इसका एक आसान उपाय यह है कि बच्चों के नाम से इनवेस्टमेंट किया जाए। इससे बच्चों के बड़े होने तक अच्छा फंड तैयार हो जाएगा, जो उनकी पढ़ाई के काम आएगा। हम आपको ऐसे कुछ ऑप्शन बता रहे हैं, जो हेल्पफुल होंगे।
आप बच्चों के नाम से पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और म्यूचुअल फंड्स की कुछ खास स्कीमों में निवेश कर सकते हैं। सुकन्या समृद्धि स्कीम बेटियों के लिए है। ये सभी लंबी अवधि के इनवेस्टमेंट हैं। इसका फायदा यह है कि छोटे-छोटे निवेश से बड़ा फंड तैयार हो जाता है।
उपर्युक्त इस्ट्रूमेंट में इनवेस्टमेंट से होने वाली इनकम जैसे डिविडेंड या कैपिटल गेंस माता-पिता की इनकम में जुड़ जाता है। फिर, इन पर माता-पिता के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। आप पीपीएफ में अपने बच्चे के नाम से अकाउंट ओपन कर सकते हैं। एक फाइनेंशियल ईयर में 1.5 लाख रुपये तक के इनवेस्टमेंट पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स-डिडक्शन मिलता है। पीपीएफ में मिला इंट्रेस्ट भी टैक्स-फ्री होता है।
बच्चे के नाम से खास म्यूचुअल फंड्स, एएसवाई, यूलिप या लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी भी ली जा सकती है। इनमें इनवेस्टमेंट पर सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन मिलेगा। अगर आप बच्चे के नाम से मेडिक्लेम पॉलिसी लेते हैं तो उस पर भी सेक्शन 80डी के तहत डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत होगी।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) 10 साल से कम उम्र की बेटियों के लिए है। एक फाइनेंशियल ईयर में आप इसमें मैक्सिमस 1.5 लाख रुपये का इनवेस्टमेंट कर सकते हैं। इस पर आपको टैक्स छूट मिलेगी। एसएसवाई में इंट्रेस्ट और मैच्योरिटी अमाउंट को भी टैक्स से छूट मिलती है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) स्कीम, 2019 के पैराग्राफ 3 के मुताबिक, माता-पिता बच्चे के नाम से पीपीएफ अकाउंट ओपन कर सकते हैं। इस स्कीम के पैराग्राफ 4 में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति अपने नाम से पीपीएफ अकाउंट ओपन करने के साथ ही बच्चे के नाम से भी पीपीएफ अकाउंट ओपन करता है तो दोनों ही अकाउंट में मिलाकर एक फाइनेंशियल ईयर में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा डिपॉजिट नहीं कर सकता।