PPF scheme है बड़े काम की है, लोन से लेकर टैक्स छूट तक जान लीजिए ये 10 बातें

आप जीवन में कभी भी अपने नाम पर एक पीपीएफ अकाउंट (PPF Account) खुलवा सकते हैं। अगर आपने एक से ज्यादा पीपीएफ अकाउंट खुलवाएं तो यह पता चलने पर पहले अकाउंट को छोड़कर सभी डीएक्टीवेट कर दिए जाएंगे

अपडेटेड Apr 20, 2022 पर 4:45 PM
पब्लिक प्रविडेंट फंड यानी पीपीएफ (PPF) देश की सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय स्माल सेविंग स्कीम्स (small savings scheme) में से एक है। हालांकि, तमाम निवेशक इसके खास फीचर्स के बारे में नहीं जानते हैं, इसीलिए इसमें निवेश से बचते हैं

पब्लिक प्रविडेंट फंड यानी पीपीएफ (PPF) देश की सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय स्माल सेविंग स्कीम्स (small savings scheme) में से एक है। हालांकि, तमाम निवेशक इसके खास फीचर्स के बारे में नहीं जानते हैं, इसीलिए इसमें निवेश से बचते हैं। हम यहां पीपीएफ के 10 फीचर्स या उसकी खास बातों के बारे में बता रहे हैं, जिससे आपके लिए इसमें निवेश करना आसान हो सकता है।

एक व्यक्ति, एक अकाउंट

अपने जीवन में आप कभी भी अपने नाम पर एक पीपीएफ अकाउंट (PPF Account) खुलवा सकते हैं। पीपीएफ में ज्वाइंट अकाउंट खुलवाने का प्रावधान नहीं है। अगर आपने एक से ज्यादा पीपीएफ अकाउंट खुलवाएं तो यह पता चलने पर पहले अकाउंट को छोड़कर सभी डीऐक्टिवेट कर दिए जाएंगे। तब आपको उन अकाउंट में आपकी ओर से जमा की गई रकम ही वापस होगी यानी ब्याज का एक रुपया भी नहीं मिलेगा।


कितनी है ब्याज दर?

पीपीएफ में ब्याज दर फिक्स नहीं होती है बल्कि यह 10 साल की अवधि वाले सरकारी बॉन्ड की यील्ड से जुड़ी होती है। सरकार अपनी सिक्यॉरिटीज पर मिले यील्ड (रिटर्न) के आधार पर हर तिमाही PPF के लिए ब्याज दर निर्धारित करती है। 1968-69 में पीपीएफ पर 4% ब्याज था तो 1986-2000 के बीच ब्याज दर बढ़कर 12% तक पहुंच गया था। पिछले तीन महीनों में बॉन्ड यील्ड बढ़ गया है लेकिन छोटी बचत योजनाओं में रेट पहले ही तय फॉर्म्यूले से अधिक हैं। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी जून, 2022 तक के लिए यह 7.10 फीसदी तय किया गया है।

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नाबालिग के लिए अकाउंट?

आप चाहें तो अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी एक पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकते हैं। हालांकि, वह बच्चे का ही अकाउंट होगा, आप सिर्फ गार्जियन रहेंगे। अपने हर बच्चे के लिए या मां या फिर पिता, दोनों में से कोई एक ही अपने किसी बच्चे के साथ अकाउंट खुलवा सकते हैं। बच्चे के माता-पिता के जिंदा रहते दादा-दादी उसके लिए पीपीएफ अकाउंट नहीं खुलवा सकते। अगर माता-पिता ने दादा-दादी को बच्चे का कानूनी अभिभावक नियुक्त कर दिया हो तो माता-पिता की मौत के बाद दादा-दादी बच्चों के लिए पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकते हैं।

सालाना कम से कम 500 रुपये करने होंगे जमा

अकाउंट ऐक्टिव रखने के लिए सालाना कम-से-कम 500 रुपये अकाउंट में डालने होंगे जबकि एक वित्त वर्ष (अप्रैल से मार्च) में ज्यादा-से-ज्यादा 1.5 लाख रुपये ही डाल सकते हैं। अगर आपने अपने और अपने बच्चे के नाम पर भी अकाउंट खोल रखे हैं तो सारे अकाउंट्स मिलाकर अधिकतम निवेश की रकम 1.5 लाख रुपये ही रहेगी। अगर आपने 1.5 लाख रुपये की वार्षिक सीमा से ज्यादा की रकम पीपीएफ अकाउंट में डाली तो अतिरिक्त रकम पर ब्याज नहीं मिलेगा और न ही इस पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट ले पाएंगे। यह रकम आपको बिना ब्याज के लौटा दी जाएगी।

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कैसे खोलें PPF Account

सरकार ने कुछ पोस्ट ऑफिस और कुछ बैंकों को पीपीएफ अकाउंट खोलने का अधिकार दे रखा है। आप इन निश्चित पोस्ट ऑफिसों या बैंक शाखाओं में जाकर अपना अकाउंट खुलवा सकते हैं। कुछ बैंक ऑनलाइन अकाउंट खोलने की भी सुविधा दे रहे हैं। ऐसे बैंकों में आप घर बैठे भी पीपीएफ अकाउंट खोल सकते हैं। पीपीएफ के आवेदन फॉर्म (फॉर्म- A) में नॉमिनी का कोई कॉलम नहीं होता है, इसलिए किसी को नॉमिनी बनाना हो तो अकाउंट खोलते वक्त फॉर्म- E जरूर भरें।

पीपीएफ अकाउंट पर ले सकते हैं लोन

आप अपने पीपीएफ अकाउंट के एवज में लोन भी ले सकते हैं और जमा रकम में से कुछ हिस्सा निकाल भी सकते हैं। इन दिनों मैच्योरिटी से पहले पीपीएफ अकाउंट बंद करवाने की सुविधा दे दी गई है। हालांकि, खाता खुलने के कम-से-कम पांच वित्त वर्ष पूरा होने के बाद कुछ खास मामलों में इसकी अनुमति दी जा सकती है। मसलन खाताधारक, उसके जीवनसाथी, बच्चे या माता-पिता की गंभीर या जानलेवा बीमारियों के इलाज और खाताधारक की उच्च शिक्षा आदि के लिए ऐसा किया जा सकता है।

आंशिक विदड्राल की है अनुमति

PPF इमरजेंसी में इनवेस्टर्स को आंशिक विदड्राल की अनुमति देता है। छह साल के बाद, एक निवेशक अपने चौथे साल के अंत तक या बिल्कुल पिछले साल की बैलेंस राशि जो भी कम हो, उसका 50 फीसदी तक पैसा निकाल सकता है। यदि खाते को बिना अतिरिक्त अंशदान के जारी रखा जाता है तो सब्सक्राइबर खाते से कोई भी धनराशि निकाल सकता है। लेकिन यदि खाते को अतिरिक्त अंशदान के साथ जारी रखा जाता तो विदड्रॉल लिमिट एक्सटेंशन पीरियड की शुरुआत में कुल बैलेंस की 60 फीसदी है।

टैक्स पर छूट

पीपीएफ में निवेश की गई रकम पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन मिलता है। इतना ही नहीं, इस निवेश पर जो ब्याज मिलता है, वह भी सेक्शन 10 के तहत टैक्स छूट के दायरे में आता है। PPF को ट्रिपल टैक्स बेनिफिट (triple tax benefit) वाली स्कीम कहा जाता है। ट्रिपल टैक्स बेनिफिट का मतलब होता है कि साल भर में अगर आप 1.5 लाख रुपए तक का निवेश करते हैं, तो उस पर मिलने वाले इंट्रस्ट और मैच्योरिटी पर मिलने वाले पूरे पैसों पर कोई टैक्स नहीं लगता है।

1-5 तारीख जमा करेंगे तो रहेंगे फायदे में

अगर आप पीपीएफ में निवेश करना चाहते हैं तो हर महीने का पांच तारीख काफी अहम है। आपको पीपीएफ अकाउंट में एक से पांच तारीख तक हर हाल में पैसे डाल देना चाहिए। दरअसल, पीपीएफ में ब्याज का आकलन हर महीने की पांच तारीख तक अकाउंट के मिनिमम बैलेंस पर किया जाता है। अगर आप हर महीने की पांच तारीख तक पैसे डाल देते हैं तो आपका मिनिमम बैलेंस बढ़ जाता है और आपको ज्यादा ब्याज मिलती है।

15 वर्ष का निवेश

यह केंद्र सरकार की लंबी अवधि की निवेश योजना है जिसका प्रोविजन पीपीएफ ऐक्ट, 1968 में किया गया है। पीपीएफ 15 साल की मैच्योरिटी वाली स्कीम है जिसे 5-5 साल के लिए जितनी मर्जी उतनी अवधि तक बढ़ाते रह सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट में एक वर्ष में ज्यादा-से-ज्यादा 12 बार ही पैसे डाले जा सकते हैं। कई निवेशक बार-बार पैसे डालने की जगह एकमुश्त रकम ही निवेश कर देते हैं। अगर किसी निवेशक ने अप्रैल 2008 में पीपीएफ अकाउंट खोला होगा तो यह अप्रैल 2023 में मैच्योर होगा।

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