Atal Pension Yojana: आम तौर पर बुढ़ापे में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। खास तौर से रिटायरमेंट के बाद पैसों की भी किल्लत बनी रहती है। खास तौर से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को और कठिनाई होती है। ऐसे में मोदी सरकार ने अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana – APY) की शुरुआत की है। इस योजना का हिस्सा बनने पर 60 साल की उम्र के बाद नियमित कमाई होनी शुरू हो जाती है। केंद्र की इस योजना को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। इससे जुड़ने वाले लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।
4 करोड़ पार हुए सब्सक्राइबर्स
इस योजना से जुड़ने वाले सब्सक्राइबर्स (Subscribers) के आंकड़े देखें तो इसमें लगातार तेजी आ रही है। वित्त वर्ष 2022 तक इस योजना से 4 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। इनमें से 99 लाख सिर्फ वित्त वर्ष 2022 में जुड़े हैं। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022 के अंत तक पेंशन योजना के 4.01 करोड़ सब्सक्राइबर्स थे। इसमें 44 फीसदी महिलाएं हैं। आंकड़ों के मुताबिक करीब 45 फीसदी APY सब्सक्राइबर्स 18-25 साल के हैं। बता दें कि 2020-21 में इस योजना से 79 लाख लोग जुड़े थे। वहीं 2018-19 में यह संख्या 70 लाख रही थी।
अटल पेंशन योजना एक सरकारी योजना है और इसे 9 मई 2015 में लॉन्च किया गया था। अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई थी। लेकिन अब 18 से 40 साल का कोई भी भारतीय नागरिक इसका लाभ ले सकता है। 60 साल के बाद पेंशन मिलना शुरू हो जाती है। हालांकि इसमें किया गया निवेश आपकी उम्र पर निर्भर करता है। इसमें कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 5,000 मासिक पेंशन मिल सकती है। सब्सक्राइबर की मौत होने पर नॉमिनी को पेंशन राशि दी जाती है। इस योजना के तहत कम से कम 20 साल तक निवेश करना होता है।
18 साल की उम्र में अधिकतम पेंशन लिमिट 5000 महीना के लिए उसे 210 रुपये हर महीने योगदान करना होता है। 25 साल की उम्र में जुड़ने पर हर महीने 376 रुपये, वहीं 30 साल वाले के लिए यह योगदान 577 रुपये, 35 साल वाले के लिए 902 रुपये और 39 साल वालों के लिए 1318 रुपये जम करना होता है। अगर हस्बैंड और वाइफ दोनों अकाउंट खुलवाले हैं तो उन्हें यह योगदान अलग अलग करना होगा।