Crypto Taxation सर्विस लॉन्च, इनवेस्टर्स को करों के प्रबंधन में मदद करेगी Clear

प्लेटफॉर्म की सभी बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज और डेफी प्रोटोकॉल्स/ देश के एक्सचेंजेस के साथ समझौता करने की योजना है, जिसके जरिए टीडीएस, इनवॉयसिंग और GST में मदद मिलेगी

अपडेटेड Feb 04, 2022 पर 3:53 PM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2022-23 में क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई को टैक्स के दायरे में लाने का ऐलान किया था

crypto taxation and optimization service : भारत के वर्चुअल डिजिटल असेट्स (virtual digital assets) के लिए नई कर व्यवस्था पेश किए जाने के कुछ दिन बाद ऑनलाइन टैक्सेशन एंड फिनटेक सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर क्लीयर (पुराना नाम क्लीयर टैक्स) ने ‘क्लीयर क्रिप्टो टैक्स’ (Clear Crypto Tax) नाम की एक सर्विस लॉन्च की है, जिससे इनवेस्टर्स को अपने क्रिप्टो असेट्स पोर्टफोलियो और टैक्सेस का प्रबंधन करने में मदद मिलेगी।

टैक्स की गणना में मिलेगी मदद

प्लेटफॉर्म एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) के लिए एक्सचेंजों के साथ काम रहा है, जिसे एक्सचेंजों के साथ इंटिग्रेट किया जा सकता है और फॉर्मेट में टैक्स से जुड़ी जानकारी शामिल की जा सकती है, जिसे टैक्सपेयर्स को हर तिमाही और हर साल के लिए टैक्स की गणना और भुगतान करने में मदद मिलती है।


प्लेटफॉर्म की सभी बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज और डेफी (Decentralized finance) प्रोटोकॉल्स/ देश के एक्सचेंजेस के साथ समझौता करने की योजना है, जिसके जरिए tax deducted at source (TDS), invoicing और GST में मदद मिलेगी।

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बजट में हुआ क्रिप्टो टैक्स का ऐलान

पहली बार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश आम बजट 2022-23 में क्रिप्टोकरेंसी और दूसरे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से होने वाली कमाई को टैक्स के दायरे में लाने का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि अब क्रिप्टोकरेंसी या किसी भी वर्चुअल एसेट्स के ट्रांसफर पर होने वाली आय पर 30 फीसदी का टैक्स लगेगा। बीते कुछ वर्षों में वर्चुअल डिजिटल असेट्स में ट्रांजैक्शंस काफी बढ़ गए हैं, इसलिए यह टैक्स उचित ही है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बात और स्पष्ट की कि अगर इस पर घाटा हुआ तो भी टैक्स देना होगा। वहीं एक निश्चित सीमा से अधिक के ट्रांजेक्शन पर टीडीएस भी लगाने का एलान किया गया है।

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टीडीएस की सूचना भेजने होगा आसान

क्लीयर पार्टनर पर भी नजर रखेगा और केंद्र को टीडीएस की सूचना भेजने में एक्सचेंजों की मदद करेगा।

क्लीयर के फाउंडर और चीफ एग्जीक्यूटिव अर्चित गुप्ता ने कहा, “ऐतिहासिक रूप से, हम हमारे पास सिर्फ फिजिकल असेट्स, कैपिटल असेट्स आदि थीं। क्रिप्टो टैक्स का समाधान करने के इसे तैयार किया गया है। भारत में 6.3 करोड़ टैक्सपेयर हैं और क्रिप्टो एक्सचेंजेस ने बताया है कि उनके प्लेटफॉर्म्स पर इनवेस्टर्स की संख्या 1 करोड़ है। हम उन्हें डिजिटल इकोनॉमी, डिजिटल असेट्स और कर से जुड़े पहलुओं से जोड़ना चाहते हैं।”

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