EPFO : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 58,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के अनक्लेम्ड फंड्स (unclaimed funds) में 100 करोड़ रुपये सीनियर सिटीजंस वेलफेयर फंड (Senior Citizens' Welfare Fund) में ट्रांसफर करने का प्रस्ताव रखा है। ईपीएफओ (EPFO) सरकार के 2015 के दिशानिर्देश के तहत ऐसा करता है।
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रपोजल पर शनिवार को होने वाली ईपीएफओ (EPFO) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (central board of trustees) की बैठक में विचार किया जाएगा।
सात साल से अऩक्लेम्ड फंड होता है ट्रांसफर
2015 में जारी वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, EPF और PPF अकाउंट्स और अन्य स्माल सेविंग्स स्कीम्स में सात साल से अनक्लेम्ड फंड को सीनियर सिटीजंस वलफेयर फंड में ट्रांसफर किया जाता है। लेकिन ये फंड EPFO के पास बना हुआ है।
अनक्लेम्ड फंड्स को सीनियर सिटीजंस फंड में ट्रांसफर करने के प्रस्ताव का ट्रेड यूनियंस द्वारा विरोध किए जाने का अनुमान है। एक राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि ने कहा, “हम सरकार के अनक्लेम्ड फंड को ट्रांसफर करने के प्रस्ताव पर विचार करेंगे. हमें लगता है कि यह अनक्लेम्ड पैसा नहीं है, बल्कि यह ऐसा पैसा है जो सेटल नहीं हुआ है। इसलिए यह EPFO के पास ही बना रहना चाहिए।”
ब्याज दर बढ़ेगी या घटेगी?
Interest rate : इसके साथ ही 11-12 मार्च को गुवाहाटी में होने वाली सीबीटी की बैठक में ब्याज दर पर भी विचार किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, ब्याज दर 2020-21 के स्तर पर बरकरार रखा जा सकता है या स्टॉक मार्केट के उतार-चढ़ाव को देखते हुए कुछ कम 8.35-8.45 फीसदी की जा सकती है।
एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। इसके मुताबिक, सीबीटी में ईपीएफ में जमा रकम पर 8.5 फीसदी की मौजूदा ब्याज दर में बढ़ोतरी पर मुहर लग सकती है। यह पीएफ पर मिलने वाला सबसे कम ब्याज है। इससे पहले 2018-19 में पीएफ की ब्याज दर 8.65 फीसदी, साल 2016-17 में 8.65 फीसदी की दर और साल 2017-18 में यह दर 8.55 फीसदी थी।
क्या है सीनियर सिटीजंस वेलफेयर फंड
SCWF : पीपीएफ, पोस्ट ऑफिस सेविंक अकाउंट्स, ईपीएफ, आरडी और इसी तरह के अन्य खातों का बिना क्लेम वाला पैसा एससीडब्ल्यू फंड में जमा होता है। इस फंड की स्थापना 2015 में की गई थी। इस फंड का इस्तेमाल सीनियर सिटीजन से जुड़े बैंकिंग और अवेयरनेस प्रोग्राम पर खर्च किया जाता है। अमूमन इस फंड में पैसा ट्रांसफर करने से पहले पीपीएफ, ईपीएफ, आरडी चलाने वाली संस्थाएं ग्राहकों से संपर्क करती हैं और पैसे लेने के लिए कहती हैं। अगर पैसा नहीं लिया जाता है तो इस फंड में उसे ट्रांसफर कर दिया जाता है। ऐसा तब होता है जब जमाकर्ता ने संपर्क नहीं किया, उसके घर का पता बदल गया हो और बिना नॉमिनी तय किए उसकी मृत्यु हो गई।
फंड में पैसा ट्रांसफर होने के 25 साल के अंदर जमाकर्ता अपना पैसा निकाल सकता है। अगर 25 साल तक पैसा नहीं लिया जाता है तो फंड में जमा राशि भारत सरकार को सौंप दी जाती है।