पोर्टफोलियो में सोना रखना जरूरी या नहीं और सोने में निवेश करने का सही जरिया कौन सा है। SIP का फायदा कंपाउडिंग के जरिए कितना है इन सब सवालों का जवाब आपको सीएनबीसी-आवाज़ के योर मनी में मिलेगा। आपके सवालों का जवाब देने के लिए योर मनी से Roongta Securities के Director हर्षवर्धन रूंगटा जुड़ गये हैं।

गहने खरीदें या गोल्ड फंड

- गहने खरीदना निवेश नहीं माना जाता है।

- गहनों के मुकाबले गोल्ड फंड्स ज्यादा सुरक्षित होते हैं।

- निवेश की रकम का फंड मैनेजर ख्याल रखते हैं। 

- गहनों में सोने की शुद्धता पर सवाल बना रहता है।

- गहना बिक्री पर मार्केट रेट से कम भाव मिलता है।

गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश

- यह भी एक तरह का म्यूचुअल फंड है।

- इसमें निवेशकों का पैसा सोने में लगता है।

- फंड मैनेजर रकम का ध्यान रखते हैं। 

- गोल्ड फंड को हेज फंड की तरह इस्तेमाल करना चाहिए।

- पोर्टफोलियो में गोल्ड फंड को शामिल करना चाहिए।

- पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन से फायदा मिलता है।

 गोल्ड ETF में निवेश

- शेयरों की तरह ही निवेश कर सकते हैं। 

- गोल्ड ETF की कीमत सोने के दाम पर निर्भर होती है।

- गोल्ड ETF में निवेश के लिए डीमैट खाता जरूरी होता है।

- एकमुश्त या SIP के जरिए गोल्ड ETF में निवेश कर सकते हैं।

- गोल्ड ETF में पिछले 1 साल में 28 प्रतिशत का रिटर्न मिला है।

- गोल्ड ETF में पिछले 10 साल में करीब 8 प्रतिशत का रिटर्न मिला है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश

- गोल्ड बॉन्ड रिजर्व बैंक जारी करता है।

- गोल्ड बॉन्ड में 8 साल के लिए निवेश किया जाता है।

- 5 साल बाद निकासी पर कैपिटल गेन्स नहीं है।

- गोल्ड बॉन्ड में निवेश पर कोई GST नहीं लगता है।

- गोल्ड बॉन्ड डीमैट फॉर्म में खरीद सकते हैं।

- BSE, NSE, बैंक, चुनिंदा पोस्ट ऑफिस से खरीदें।

- कोई भी व्यक्ति, HUF, ट्रस्ट खरीद सकता है।

- यूनिवर्सिटी, धर्मार्थ संस्थाएं भी ले सकती हैं।

- 13-17 जनवरी के बीच नया सब्सक्रिप्शन खुलेगा।

- फरवरी और मार्च में भी गोल्ड बॉन्ड विंडो होते हैं।

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