LIC IPO: एलआईसी में एफडीआई को आज मिल सकती है इजाजत, जानिए पूरा मामला

SEBI रूल्स के मुताबिक, पब्लिक ऑफर के तहत फॉरेने पोर्टफोलियो इनवेस्टमेंट (FPI) और फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट की इजाजत है। लेकिन, चूंकि LIC Act में विदेशी निवेश के लिए कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए सेबी के नियम को ध्यान में रख LIC Act बदलाव करने की जरूरत है

अपडेटेड Feb 26, 2022 पर 9:56 AM
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इंश्योरेंस सेक्टर में ऑटोमैटिक रूस से 74 फीसदी विदेशी निवेश की इजाजत है। लेकिन, यह रूल LIC पर लागू नहीं होता है।

सरकार LIC में डायरेक्ट फॉरेन इनवेस्टमेंट (FDI) की इजाजत देना चाहती है। आज कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर फैसला हो सकता है। इसके लिए सरकार को एफडीआई पॉलिसी (FDI Policy) में बदलाव करना होगा। अगले महीने एलआईसी आईपीओ पेश करने जा रही है। सरकार देश की सबसे बड़ी कंपनी में अपनी 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है।

आखिर एफडीआई पॉलिसी में बदलाव की जरूरत क्यों है, एलआईसी के आईपीओ से इसका क्या संबंध है, अभी एलआईसी में विदेशी निवेश के क्या नियम हैं? आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं।

एलआईसी एक्ट क्या है?

अभी एफडीआई की जो पॉलिसी है, उसके मुताबिक इंश्योरेंस सेक्टर में ऑटोमैटिक रूस से 74 फीसदी विदेशी निवेश की इजाजत है। लेकिन, यह रूल LIC पर लागू नहीं होता है। इसकी वजह यह है कि एलआईसी के लिए सरकार का अलग एक्ट है, जिसे LIC Act कहा जाता है।


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सेबी का रूल क्या है?

SEBI रूल्स के मुताबिक, पब्लिक ऑफर के तहत फॉरेने पोर्टफोलियो इनवेस्टमेंट (FPI) और फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट की इजाजत है। लेकिन, चूंकि LIC Act में विदेशी निवेश के लिए कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए सेबी के नियम को ध्यान में रख LIC Act बदलाव करने की जरूरत है। इसके बाद ही आईपीओ में विदेशी इनवेस्टमेंट का रास्ता खुलेगा।

पिछले साल आईपीओ को मिली थी मंजूरी

पिछले साल जुलाई में कैबिनेट में एलआईसी के आईपीओ के प्रस्ताव को इजाजत दी थी। अब इस आईपीओ की तैयारी पूरी हो चुकी है। उम्मीद है कि मार्च में यह आईपीओ बाजार में आ जाएगा। सरकार इस इश्यू से 60 से 90 हजार करोड़ रुपये जुटा सकती है।

देश का सबसे बड़ा आईपीओ

एलआईसी का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। लिस्टिंग के बाद एलआईसी देश की सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी। इससे बड़ी सिर्फ दो कंपनियां होंगी-आरआईएल और टीसीएस।

एलआईसी ने आईपीओ में अपने पॉलिसीहोल्डर्स के लिए शेयर रिजर्व रखने का फैसला किया है। कंपनी करीब 10 फीसदी शेयर पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व रख सकती है। उन्हें कंपनी शेयर के प्राइस में भी रिबेट दे सकती है। एलआईसी के करीब 29 करोड़ पॉलिसीहोल्डर्स हैं। इसके देशभर में करीब 12 लाख एजेंट्स हैं।

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