एनएसई स्कैम (NSE SCAM) में शामिल कथित 'हिमालय के योगी' से पर्दा उतर रहा है। CBI की शुरुआती जांच से संकेत मिला है कि एनएसई का पूर्व ग्रुप ऑपरेटिंग अफसर आनंद सुब्रमण्यन ही वह रहस्यमयी योगी है, जिसका जिक्र सेबी की जांच में बार-बार हुआ है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी ने गुरुवार की रात सुब्रमण्यन को गिरफ्तार किया था। सुब्रमण्यन एनएसई की पूर्व एमडी और सीईओ चित्रा रामकृष्णा का एडवाइजर भी था। चेन्नई कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद सुब्रमण्यन को शुक्रवार दोपहर दिल्ली लाया गया।
इससे पहले सेबी ने एनएसई में कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मामलों की जांच की थी। सुब्रमण्यन की नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद उसने चित्रा सुब्रमण्यन सहित कुछ लोगो पर जुर्माना लगाया था। उसकी जांच में एक कथित योगी के बारे में पता चला था, जिसके इशारे पर चित्रा एनएसई से जुड़े फैसले लेती थी। यहां तक कि सुब्रमण्यन की मोटी सैलरी पर निुयक्ति भी कथित योगी के निर्देश पर चित्रा ने की थी।
सीबीआई के इस मामले की जांच से कई रहस्यों से पर्दा उठने की उम्मीद है। सुब्रमण्यन इस स्कैम से जुड़ा पहला व्यक्ति है, जिसे अरेस्ट किया गया है। सीबीआई ने चेन्नई में चार दिन तक पूछताछ के बाद सुब्रमण्यन को गिरफ्तार किया। दरअसल, सेबी को कथित योगी और चित्रा के बीच कई ईमेल एक्सचेंज की जानकारी मिली थी। बताया जाता है कि पूछताछ के दौरान सुब्रमण्यन सीबीआई के कई सवालों का जवाब नहीं दे सका।
सुब्रमण्यन से पहले सीबीआई चित्रा और एनएसई के पूर्व एमडी रवि नारायण से पूछताछ कर चुकी है। इस मामले में सीबीआई ने 2018 में एफआईआर रजिस्टर किया था। लेकिन, मामले से जुड़े लोगों से उसने अब पूछताछ शुरू की है। सेबी की जांच के नतीजें सामने आने के बाद कथित योगी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे।
2013 में चित्रा जब एनएसई की सीईओ बनी तो उसने सुब्रमण्यन को 1.63 करोड़ सैलरी की पेशकश की थी। दरअसल, उसे चीफ स्ट्रैटेजिक एडवाइजर के रूप में एनएसई ज्वाइन करने का ऑफर दिया गया था। इससे पहले सुब्रमण्यन ट्रांसफर्स सर्विसेज लिमिटेड में लीजिंग एंड रिपेयर सर्विसेज में वीपी था। उसे कैपिटल मार्केट्स का कोई एक्सपीरियंस नहीं था। उसे तब सिर्फ 14 लाख रुपये की सैलरी मिलती थी।
खास बात यह है कि तब किसी ने सुब्रमण्यन की सैलरी पर सवाल नहीं उठाए। उन्हें जल्द ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर बना दिया गया। एनएसई में करीब हर इंप्लॉई उसे रिपोर्ट करता था। 2016 में वह एनएसई के सबसे पावरफुल लोगों में शामिल था। वह चित्रा रामकृष्ण का एडवाइजर भी था। एनएसई में उसकी सैलरी बढ़कर करीब 4.21 करोड़ रुपये हो गई थी।