Starbucks News: विजय का जादू! अमेरिका के बाहर चेन्नई में स्टारबक्स का टेक ऑफिस, मिलेगी ₹35 लाख की सैलरी वाली 800 जॉब्स

Statbucks in India: स्टारबक्स के टेक ऑफिस अभी अमेरिका में हैं और अब पहली बार अमेरिका के बाहर विस्तार के लिए इसे भारत पसंद आया है। कंपनी ने इसे लेकर तमिलनाडु सरकार के साथ एमओयू भी कर लिया है। यहां औसतन सालाना ₹35 लाख की सैलरी वाली करीब 800 नौकरियां तैयार होंगी। जानिए स्टारबक्स का प्लान और इसने चेन्नई को ही क्यों चुना

अपडेटेड Sep 21, 2026 पर 2:23 PM
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स्टारबक्स (Statbucks) के टेक ऑफिस अभी अमेरिका के सिएटल (Seattle) और नैशविले (Nashville) में हैं और अब अमेरिका के बाहर भारत में यह अपनी तकनीकी क्षमता का विस्तार करेगी। (File Photo Pexels)

Statbucks News: स्टारबक्स कॉफी कंपनी तमिलनाडु के चेन्नई में एक टेक्नोलॉजी हब सेटअप करेगी। इससे तमिलनाडु के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। तमिलनाडु की विजय सरकार ने आज 21 सितंबर को इसे लेकर कहा कि यह अमेरिका के बाहर स्टारबक्स का पहला कॉरपोरेट टेक्नोलॉजी हब होगा। इसे लेकर कंपनी ने तमिलनाडु सरकार के साथ एमओयू पर साइन कर दिया है। इस हब से टेक्नोलॉजी से जुड़ी लगभग 800 नौकरियां तैयार होंगी, जिनकी मीडियन सैलरी सालाना लगभग ₹35 लाख होगा। हालांकि यह भर्ती एक ही बार में नहीं होगी बल्कि कारोबारी की जरूरतों के हिसाब से चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।

क्या करेगी स्टारबक्स की चेन्नई हब

स्टारबक्स के टेक ऑफिस अभी अमेरिका के सिएटल (Seattle) और नैशविले (Nashville) में हैं और अब अमेरिका के बाहर भारत में यह अपनी तकनीकी क्षमता का विस्तार करेगी। इसका चेन्नई हब स्टारबक्स के वैश्विक कारोबार को सपोर्ट करेगा तो साथ ही यह अमेरिका और अन्य स्थानों पर मौजूद कंपनी की टेक्नोलॉजी और बिजनेस टीमों के साथ मिलकर काम करेगी। यह टेक्नोलॉजी हब भारत में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ स्टारबक्स के रिटेल ज्वाइंट वेंचर से अलग काम करेगी।


Starbucks ने क्यों चुना चेन्नई को?

स्टारबक्स का कहना है कि उसने चेन्नई को इसलिए चुना क्योंकि यहां बेहतरीन टेक्नोलॉजी टैलेंट, इंजीनियरिंग इकोसिस्टम, एंप्लॉयीज के लंबे समय तक टिके रहने की दर, इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं। कंपनी का कहना है कि इनके दम पर उसे भारत में हब बनाने और अपनी टेक्नोलॉजी क्षमताओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह तमिलनाडु सरकार की उस आक्रामक नीति और वित्तीय मदद के ठीक बाद सामने आया है, जिसका उद्देश्य एशिया में निवेश के लिए सबसे पसंदीदा जगह के तौर पर अपनी पहचान बनाना है। स्टारबक्स की कोशिश राज्य के नए कोरिडोर प्रोग्राम का फायदा उठाने की है। इस प्रोग्राम के तहत चेन्नई में टेक कोरिडोर के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर अन्य सेंटर्स पर बड़े वैश्विक टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बता दें कि सिर्फ इस महीने सितंबर में स्टारबक्स उन बड़ी कंपनियों में शुमार हो गई, जो तमिलनाडु में बड़े टेक्नोलॉजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) सेटअप करने वाली हैं। इससे पहले वालग्रीन्स, सिग्मा टेक्नोलॉजी ग्रुप और एक अहम टेलीकॉम क्लाइंट की तरफ से EY ने तमिलनाडु में करोड़ों रुपये के निवेश का ऐलान किया है। तमिलनाडु की GCCs को बढ़ावा देने वाली वर्ष 2024-2027 के लिए चल रही खास योजना के तहत फोर्ब्स ग्लोबल 2000 या फॉर्च्यून 1000 जैसी टॉप कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाता है। राज्य सरकार हाई सैलरी वाली नौकरियों के लिए तीन साल तक महत्वपूर्ण पेरोल सब्सिडी भी देती है- पहले साल में 30%, दूसरे साल में 20% और तीसरे साल में 10%।

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