भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) लिस्टिंग के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और टीसीएस (TCS) जैसी बड़ी कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी। लेकिन, इसके एफटीएसई (FTSE), सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) में जल्द शामिल होने की उम्मीद नहीं है। एडलवाइज अल्टरनेटिव रिसर्च ने यह अनुमान जताया है। उसने कहा है कि एलआईसी के शेयरों के एसएससीआई इंडेक्स में जल्द शामिल होने की मध्यम संभावना है।
एडलवाइज की रिपोर्ट में कहा गया है, "सितंबर 2022 से पहले एफटीएसई इडेंक्स में एलआईसी के शामिल होने की उम्मीद नहीं है। हमें इस शेयर के सेंसेक्स और निफ्टी का हिस्सा भी जल्द बनने की उम्मीद नहीं दिखाई देती। इसकी वजह यह है कि इन सूचकांकों का हिस्सा बनने के लिए शर्तें बहुत कड़ी हैं।" एडलवाइज ने एलआईसी के शेयर में 28 से 50 करोड़ डॉलर के निवेश की उम्मीद जताई है। हालांकि यह शेयर की फाइनल लिस्टिंग पर डिपेंड करेगा।
सरकार एलआईसी में अपनी 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। यह करीब 31.6 करोड़ शेयर के बराबर है। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेयर की न्यूनतम कीमत पर एलआईसी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 10.7 लाख करोड़ रुपये होगा। इसका फ्री-फ्लोट मार्केट कैप 53,500 करोड़ रुपये होगा। एडलवाइज ने कहा है कि अगर लिस्टिंग के बाद एलआईसी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 10.7 लाख करोड़ रुपये से कम रहता है तो प्रमुख सूचकांकों में इसकी एंट्री में दिक्कत आएगी।
एलआईसी का आईपीओ 10 मार्च को खुल सकता है। इसमें 14 मार्च तक निवेश करने का मौका मिलेगा। LIC के इश्यू का साइज 65,000 करोड़ रुपए का हो सकता है। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, कंपनी का इश्यू प्राइस 2000-2100 रुपए हो सकता है। यह इंडिया का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
LIC के डीआरएचपी (DRHP) में यह बताया गया है कि पॉलिसीहोल्डर्स के लिए इस महीने के अंत तक अपनी पॉलिसी डिटेल अपडेट करना जरूरी है। इसमें कहा गया है कि पॉलिसीहोल्डर को सुनिश्चित करना होगा कि सेबी के पास डीआरएचपी जमा होने की तारीख से दो सप्ताह के भीतर यानी 28 फरवरी, 2022 तक पॉलिसी रिकॉर्ड में उनकी PAN डिटेल अपडेट हो जाए। ऐसा नहीं होने पर उन्हें इलिजिबल पॉलिसीहोल्डर नहीं माना जाएगा।