Post Office: किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra –KVP) केंद्र सरकार की वन टाइम इन्वेस्टमेंट स्कीम है। इसमें मैच्योरिटी पीरियड के बाद पैसे डबल हो जाते हैं। किसान विकास पत्र देश के सभी डाकघरों और बड़े बैंकों में मौजूद है। इसका मैच्योरिटी पीरियड अभी 124 महीने है। इसमें कम से कम 1000 रुपये निवेश कर सकते हैं। अधिक से अधिक निवेश करने की कोई लिमिट नहीं है।
यह स्कीम खास तौर किसानों के लिए बनाई गई है। ताकि वो लंबे समय के आधार पर अपने पैसे बचा सकें। लेकिन इस स्कीम में कोई भी भारत का वयस्क नागरिक निवेश कर सकता है। मैच्योरिटी पीरियड 124 महीने होने का मतलब है कि अगर आप लांग टर्म में निवेश करने की सोच रहे हैं तो किसान विकास पत्र बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
स्माल सेविंग्स स्कीम में हर तीन महीने यानी तिमाही आधार पर ब्याज दरें तय की की जाती हैं। 30 जून 2022 को सरकार ने किसान विकास पत्र में मिलने वाली ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। मौजूदा समय में इसमें सालाना आधार पर 6.9 फीसदी के दर से ब्याज मिलती है। मौजूदा नियमों के मुताबिक, KVP प्रमाणपत्र सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ–साथ भारत के डाकघरों से भी खरीदे जा सकते हैं। इसमें निवेश पर चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। इस लिहाज से अगर 5 लाख रुपये निवेश करते हैं तो 124 महीने बाद 10 लाख रुपये हो जाएंगे।
जॉइंट अकाउंट की भी सुविधा
किसान विकास पत्र में निवेश करने वाले की उम्र कम से कम 18 साल होना जरूरी है। इसमें सिंगल अकाउंट के अलावा जॉइंट अकाउंट की भी सुविधा है। वहीं यह योजना नाबालिगों के लिए भी मौजूद है। जिसकी देखरेख अभिभावक को करना होता है। यह योजना हिंदू अविभाजित परिवार यानी HUF या NRI को छोड़कर ट्रस्ट के लिए भी लागू है।