PPF कई मामलों में एक अट्रैक्टिव लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट प्लान है। अगर आप पीपीएफ में इनवेस्ट नहीं कर रहे हैं तो इसमें इनवेस्ट करने के बारे में सोच सकते हैं। फिक्स्ड रिटर्न इनवेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट में पीपीएफ का इंटरेस्ट रेट सबसे ज्यादा है। दूसरा, इसमें निवेश पर आपको इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनिफिट भी मिलता है। तीसरा, पीपीएफ में जमा अपने पैसे पर आप लोन भी ले सकते हैं।
आप पोस्ट ऑफिस या बैंक में अपना पीपीएफ अकाउंट ओपन कर सकते हैं। आप चाहे तो साल में एकमुश्त डिपॉजिट अपने अकाउंट में कर सकते हैं या हर महीने कुछ पैसे इसमें डाल सकते हैं। एक फाइनेंशियल ईयर में आपको अपने पीपीएफ अकाउंट में कम से कम 500 रुपये इनवेस्ट करना होगा। आप मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये का इनवेस्टमेंट एक फाइनेंशियल ईयर में अपने अकाउंट में कर सकते हैं।
पीपीएफ अकाउंट 15 साल में मैच्योर हो जाता है। लेकिन, आप पांच-पांच साल के ब्लॉक में मैच्योरिटी पीरियड को बढ़ा सकते हैं। एक्सटेंडेंड पीरियड में आपको अपने अकाउंट में जमा पैसे पर इंटरेस्ट मिलता रहेगा।
पीपीएफ अकाउंट पर लोन की सुविधा भी उपलब्ध है। अगर आपको किसी वजह से अचानक पैसे की जरूरत पड़ जाती है तो आप पीपीएफ अकाउंट पर लोन ले सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट ओपन करने के तीसरे फाइनेंशियल ईयर से इस पर लोन लिया जा सकता है। लोन की यह सुविधा स्कीम के छठे फाइनेंशियल ईयर तक उपलब्ध रहेगी।
लोन के लिए अप्लाई करने की तारीख के ठीक पहले के दूसरे फाइनेंशियल ईयर के अंत में अकाउंट में जमा कुल पैसे का अधिकतम 25 फीसदी तक अमाउंट आप लोन ले सकते हैं। इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। अगर आप फाइनेंशियल ईयर 2012-13 में लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो 31 मार्च, 2011 को आपके अकाउंट में जमा अमाउंट का 25 फीसदी लोन के रूप में लिया जा सकता है।
इस लोन का इंटरेस्ट रेट पीपीएफ पर आपको मिलने वाले इंटरेस्ट रेट से सिर्फ एक फीसदी ज्यादा होता है। इसे एक उदाहरण की मदद से आसानी से समझा जा सकता है। अभी पीपीएफ का इंटरेस्ट रेट 7.1 फीसदी है। इसलिए अगर आप लोन लेते हैं तो आपका इंटरेस्ट रेट 8.1 फीसदी होगा।
लोन एप्रूव होने की तारीख के 36 महीने के अंदर आपको लोन का पैसा लौटाना होगा। आप चाहे तो 36 महीने की अवधि में एकमुश्त या किस्तों में लोन का पैसा लौटा सकते हैं। आप चाहें तो मासिक किस्तों में भी इसे लौटा सकते हैं।