इस फंड ने 10,000 रुपये के मंथली सिप को 20 साल में 1.2 करोड़ रुपये बनाया

फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड ने इस फंड के 20 साल पूरा करने पर परफॉर्मेंस डेटा शेयर किया है। इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2,300 करोड़ रुपये के पार हो गया है। पहले इस फंड का नाम टेंपलटन इंडिया इक्विटी इनकम फंड था। यह फंड डिविडेंड यील्ड-फोकस्ड इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करता है

अपडेटेड Jun 03, 2026 पर 5:54 PM
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इस फंड ने शुरुआत से अब तक 13.97 फीसदी कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) रिटर्न दिया है।

अगर आपने फ्रैंकलिन इंडिया डिविडेंड यील्ड फंड में 2006 में एकमुश्त एक लाख रुपये का निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 13.6 लाख रुपये हो गया होता। यह स्कीम फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड का है। इस फंड की शुरुआत 20 साल पहले हुई थी। अगर आपने तब इस फंड में मंथली 10,000 रुपये का सिप शुरू किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 1.2 करोड़ रुपये हो गया होता।

फंड का एयूएम 2,300 करोड़ रुपये के पार

फ्रैंकलिन टेंपलटन म्यूचुअल फंड ने इस फंड के 20 साल पूरा करने पर परफॉर्मेंस डेटा शेयर किया है। इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2,300 करोड़ रुपये के पार हो गया है। पहले इस फंड का नाम टेंपलटन इंडिया इक्विटी इनकम फंड था। यह फंड डिविडेंड यील्ड-फोकस्ड इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करता है। इसका मतलब है कि यह फंड मुख्य रूप से उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है, जिनकी डिविडेंड यील्ड ज्यादा है।


बीते 20 साल में 13.97 सीएजीआर रिटर्न

इस फंड ने शुरुआत से अब तक 13.97 फीसदी कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) रिटर्न दिया है। अगर आपके 20 साल पहले निफ्टी 500 टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) में एक लाख निवेश किया होता तो आपका पैसा बढ़कर 10.3 लाख रुपये हुआ होता। यह 12.39 फीसदी सीएजीआर रिटर्न है। इस फंड के पोर्टफोलियो मैनेजर राजेश काकुलावारापू ने कहा, "इस फंड का टारगेट डाउनसाइड प्रोटेक्शन के साथ कंपाउंडिंग बेनेफिट पर है।"

डिविडेंड देने वाली कंपनियों में निवेश पर फोकस

उन्होंने कहा कि यह फंड उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है, जिनका डिविडेंड देने का शानदार रिकॉर्ड है। इस फंड का शेयरों का सेलेक्शन भी डिविडेंड यील्ड के आधार पर होता है। हालांकि, फंड डायवर्सिफिकेशन का भी ध्यान रखता है। यह अलग-अलग मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है। इस फंड के पोर्टफोलियो में बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज, पावर एंड एनर्जी, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, एफएमसीजी, एयरोस्पेस, डिफेंस, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों के शेयर शामिल हैं।

विदेशी कंपनियों के शेयरों में भी निवेश 

यह फंड विदेशी कंपनियों के शेयरों और रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) में भी निवेश करता है। अप्रैल 2026 में इस फंड का करीब 8 फीसदी पैसा विदेशी मार्केट में लगा था। इनमें अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान शामिल हैं। इसने चार लिस्टेड REITs में 9 फीसदी से ज्यादा निवेश किया है। बीते 12 महीनों में लार्जकैप में इसका एवरेज ऐलोकेशन 54 फीसदी रहा है।

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क्या आपको इनवेस्ट करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड का पहले अच्छा प्रदर्शन भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की गारंटी नहीं होता है। इनवेस्टर्स को किसी फंड में निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर्स की राय जरूर लेनी चाहिए।

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