15 साल के वैभव सूर्यवंशी की कमाई ₹7 करोड़! जानिए नाबालिगों के लिए क्या हैं टैक्स नियम
Vaibhav Sooryavanshi Net Worth: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की कमाई करोड़ों में पहुंच चुकी है। लेकिन क्या नाबालिग बच्चों को भी इनकम टैक्स देना पड़ता है? जानिए कब बच्चे की आय माता-पिता की कमाई में जुड़ती है और किन मामलों में अलग टैक्स लगता है।
वैभव सूर्यवंशी कथित तौर पर करीब 7 करोड़ रुपये की संपत्ति बना चुके हैं।
Vaibhav Sooryavanshi Net Worth: महज 15 साल की उम्र में क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी कथित तौर पर करीब 7 करोड़ रुपये की संपत्ति बना चुके हैं। IPL कॉन्ट्रैक्ट, टूर्नामेंट की इनामी राशि, स्पॉन्सरशिप और ब्रांड एंडोर्समेंट से उनकी कमाई तेजी से बढ़ी है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या नाबालिग बच्चों की कमाई पर भी टैक्स लगता है? और अगर लगता है तो उसका हिसाब कैसे किया जाता है?
नाबालिग की कमाई पर क्या होता है नियम?
भारतीय आयकर कानून के मुताबिक, 18 साल से कम उम्र का व्यक्ति नाबालिग माना जाता है। नाबालिग भी अलग-अलग तरीकों से कमाई कर सकते हैं, लेकिन उनके लिए टैक्स के नियम बड़ों से अलग होते हैं।
आमतौर पर नाबालिग की कमाई पर अलग से टैक्स नहीं लगाया जाता। ज्यादातर मामलों में उसकी आय माता या पिता की आय में जोड़ दी जाती है। इसे 'क्लबिंग ऑफ इनकम' कहा जाता है।
क्या है क्लबिंग ऑफ इनकम?
आयकर अधिनियम की धारा 64(1A) के तहत नाबालिग बच्चे की आय आमतौर पर माता-पिता की आय में जोड़ दी जाती है और उसी हिसाब से टैक्स लगाया जाता है। यह नियम खास तौर पर उन आय पर लागू होता है, जो इन सोर्स से आती हैं:
सेविंग अकाउंट का ब्याज
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का ब्याज
बच्चे के नाम पर किए गए निवेश
गिफ्ट या अन्य वित्तीय संपत्तियों से होने वाली आय
इस नियम का मकसद लोगों को बच्चों के नाम पर संपत्ति डालकर टैक्स बचाने से रोकना है।
माता-पिता की स्थिति के हिसाब से क्या होगा?
अगर माता और पिता दोनों कमाते हैं, तो बच्चे की आय उस माता-पिता की आय में जोड़ी जाती है जिसकी आय ज्यादा होती है। वहीं, अगर माता-पिता का तलाक हो चुका है, तो बच्चे की आय उस माता-पिता की आय में जोड़ी जाती है जिसके पास बच्चे की कस्टडी है।
अगर दोनों माता-पिता का निधन हो चुका है, तो बच्चे की आय किसी अभिभावक की आय में नहीं जोड़ी जाती। ऐसे मामलों में बच्चे की ओर से अभिभावक अलग आयकर रिटर्न दाखिल करता है।
किन मामलों में यह नियम लागू नहीं होता?
हर तरह की नाबालिग आय पर क्लबिंग ऑफ इनकम का नियम लागू नहीं होता। कानून में इसके कुछ बड़े अपवाद भी हैं। अगर कोई बच्चा अपनी प्रतिभा, कौशल, विशेष ज्ञान या मेहनत के दम पर कमाई करता है, तो उस आय को माता-पिता की आय में नहीं जोड़ा जाता। ऐसी कमाई पर टैक्स बच्चे के नाम से ही लगाया जाता है। इसमें शामिल हो सकते हैं:
क्रिकेट, फुटबॉल या दूसरे खेलों से कमाई
एक्टिंग और मॉडलिंग
सिंगिंग और परफॉर्मिंग आर्ट्स
यूट्यूब, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कमाई
ब्रांड एंडोर्समेंट और स्पॉन्सरशिप
टीवी रियलिटी शो और प्रतियोगिताएं
यानी अगर कोई बाल कलाकार, युवा क्रिकेटर, सोशल मीडिया क्रिएटर या किसी प्रतियोगिता का विजेता अपनी प्रतिभा के दम पर कमाई करता है, तो उसे अलग से आयकर रिटर्न दाखिल करना पड़ सकता है।
दिव्यांग बच्चों के लिए भी अलग प्रावधान
इनकम टैक्स एट की धारा 80U के तहत आने वाले दिव्यांग बच्चों की आय भी माता-पिता की आय में नहीं जोड़ी जाती। ऐसे मामलों में आय पर अलग से टैक्स लगाया जाता है।
40% से ज्यादा दिव्यांगता वाले बच्चों को इस कैटेगरी में रखा जाता है। इसमें न देख पाने वाले, कम दृष्टि, सुनने में दिक्कत, चलने-फिरने में अक्षमता और मानसिक बीमारी जैसी स्थितियां शामिल हैं।
वैभव सूर्यवंशी पर कैसे लागू होंगे ये नियम?
वैभव सूर्यवंशी की कमाई क्रिकेट में उनके प्रदर्शन, IPL कॉन्ट्रैक्ट, टूर्नामेंट की पुरस्कार राशि, स्पॉन्सरशिप और ब्रांड एंडोर्समेंट से हो रही है। चूंकि यह कमाई उनकी व्यक्तिगत प्रतिभा और मेहनत से पैदा हुई है, इसलिए यह क्लबिंग ऑफ इनकम नियम में नहीं आती।
यही वजह है कि 15 साल की उम्र होने के बावजूद उनकी कमाई उनके माता-पिता की आय में नहीं जोड़ी जाएगी। इस आय पर टैक्स वैभव सूर्यवंशी के नाम से ही लगाया जाएगा। यही नियम खेल, मनोरंजन, कंटेंट क्रिएशन और अन्य कौशल आधारित क्षेत्रों में कमाई करने वाले दूसरे नाबालिगों पर भी लागू होता है।
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