वित्त वर्ष 2022 खत्म होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। टैक्स बचत से जुड़ी कई ऐसी योजनाएं होती हैं, जिनमें हर वित्त वर्ष में एक न्यूनतम राशि जमा करनी होती है। इन योजनाओं में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) आदि शामिल हैं। इन योजनाओं में हर साल एक न्यूनतम राशि जमा करना होता है। ऐसा नहीं करने पर इन योजनाओं से जुड़े खाते इनएक्टिव हो जाते हैं, जिससे पॉलिसीधारक को आगे निवेश करने के लिए इसे रेगुलराइज कराने की जरूरत पड़ेगी। खाते को रेगुलराइज कराने में आपको काफी समय खर्च करना पड़ सकता है और साथ ही आपको जुर्माना भी देना पड़ सकता है। ऐसे में यह बेहतर होगा कि आप वित्त वर्ष खत्म होने से पहले इन खातों में न्यूनतम राशि जमा कर दें।
आइए जानते हैं कि इन खातों में कितनी न्यूनतम राशि जमा करनी होती है और इन्हें नहीं जमा करने पर आपको क्या नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
NPS के टियर-1 खाते में हर वित्त वर्ष न्यूनतम 1,000 रुपये जमा करना होता है। इसमें जमा करने की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। वहीं टियर-2 खातों में न्यूनतम जमा राशि की कोई अनिवार्यता नहीं है। अगर आपका टियर-1 खाता है और आपने न्यूनतम राशि जमा नहीं की है, तो आपका खाता फ्रीज हो सकता है। इसके बाद खाते को अनफ्रीज कराने के लिए आपको 100 रुपये की पेनाल्टी राशि देनी पड़ेगी।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
सुकन्या समृद्धि खाते को चालू रखने के लिए हर वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये जमा करने की आवश्यकता होती है। अगर न्यूनतम खाता नहीं जमा होता है, तो उसे खाते को डिफॉल्ट अकाउंट मान लिया जाता है। डिफॉल्ट अकाउंट को खाता खोलने की तारीख के 15 साल के अंदर नियमित कराया जा सकता है। हालांकि इसके लिए न्यूनतम राशि के साथ हर साल 50 रुपये की पेनाल्टी जमा करनी होगी।