Ruchi Soya FPO: सिर्फ 13,650 रुपए में बाबा रामदेव के पार्टनर बनिए, क्या आपके लिए अच्छी है ये डील?

कंपनी का फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) गुरुवार (24 मार्च) को खुल गया है। इसमें 28 मार्च तक इनवेस्ट किया जा सकता है। कंपनी ने प्रति शेयर 615 से 650 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है

अपडेटेड Mar 28, 2022 पर 12:18 PM
इस FPO में इनवेस्ट करने के लिए आपको कम से कम 21 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर आपको कम से कम 13,650 रुपये का इनवेस्टमेंट इस एफपीओ में करना होगा।

रुचि सोया (Ruchi Soya) इनवेस्टर्स को सस्ते भाव पर शेयर खरीदने का मौका दे रही है। कंपनी का फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) गुरुवार (24 मार्च) को खुल गया है। इसमें 28 मार्च तक इनवेस्ट किया जा सकता है। कंपनी इस ऑफर के जरिए 4,300 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर जारी करेगी। रुचि सोया योग गुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) की पतंजलि समूह (Patanjali) की कंपनी है।

क्या है प्राइस बैंड?

कंपनी ने प्रति शेयर 615 से 650 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। गुरुवार को 12:30 बजे रुचि सोया के शेयर का प्राइस 1.38 फीसदी गिरकर 885 रुपये चल रहा था। इस तरह कंपनी 26 फीसदी से ज्यादा डिस्काउंट पर इनवेस्टर्स को अपने शेयर खरीदने का मौका दे रही है।


FPO का मकसद क्या है?

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इस एफपीओ का मकसद कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटाना है। सेबी के नियमों के तहत रुचि सोया के लिए प्रमोटर की हिस्सेदारी घटाकर 75 फीसदी तक लाना अनिवार्य है। अभी कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी 98 फीसदी से ज्यादा है।

कम से कम कितना करना होगा इनवेस्ट?

इस FPO में इनवेस्ट करने के लिए आपको कम से कम 21 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर आपको कम से कम 13,650 रुपये का इनवेस्टमेंट इस एफपीओ में करना होगा। आप चाहे तो 21 के मल्टीपल में ज्यादा शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं।

क्या आपको इस ऑफर में इनवेस्ट करना चाहिए?

शेयरइंडिया में वाइस-प्रेसिडेंट और रिसर्च हेड रवि सिंह ने इनवेस्टर्स को इस ऑफर में पैसे लगाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है, "हालांकि, कंपनी के फाइनेंशियल्स थोड़े कमजोर दिखते हैं, लेकिन इसके स्ट्रॉन्ग बेस और बैकग्राउंड को देखते हुए इस FPO में पैसा लगाया जा सकता है। कंपनी के प्रोडक्ट्स की अच्छी मांग है।"

उन्होंने कहा कि यूक्रेन और रूस की लड़ाई के चलते एडिबल ऑयल की कीमतों में तेजी आई है। इसके अलावा सप्लाई पर भी असर पड़ा है। इंडिया 90 फीसदी सनफ्लावर का आयात रूस और यूक्रेन से करता है। ज्यादातर एडिबल ऑयल ब्रांड्स में सनफ्लावर की हिस्सेदारी 15 फीसदी है।

सेंट्रम वेल्थ मैनेजमेंट के देवांग मेहता ने कहा कि सोयाबीन मार्केट, सोयाबीन मस्टर्ड ऑयल और इस तरह के दूसरे प्रोडक्ट्स में रुचि सोया मुख्य प्लेयर है। ऐसी प्रोडक्ट्स वाली कंपनियों में इनवेस्टर्स ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई है। इसलिए इस एफपीओ को किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। रुचि सोया अपने रुचि गोल्ड के साल मार्केट लीडर है।

आशिका स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा है कि रुचि सोया का ब्रांड रिकॉल स्ट्रॉन्ग है। इसका डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क बड़ा है। बेहतर फाइनेंशियल रिकॉर्ड और आरओई को देखते हुए यह एफपीओ अट्रैक्टिव लगता है। इनवेस्टर्स लंबी अवधि के लिहाज से इस ऑफर में पैसे लगा सकते हैं।

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