Small Saving Schemes: महंगाई की मार झेल रहे छोटे निवेशकों को अगले अच्छी खबर मिल सकती है। सरकार छोटी बचत योजनाओं (small saving schemes) की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकती है। सरकार हर तिमाही में स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। इसके बाद नई ब्याज दरों का ऐलान किया जाता है। ऐसे में यह उम्मीद जताई जा रही है कि सितंबर 2022 की तिमाही समीक्षा में सरकार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकती है।
मीडिय रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार छोटी बचत योजनाओं पर 0.50 से लेकर 0.75 फीसदी तक ब्याज दरें बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। दो बार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के रेपो रेट बढ़ाने के फैसले के बाद भी 30 जून, 2022 को वित्त मंत्रालय ने छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था।
दरअसल, RBI ने जब से रेपो रेट में इजाफा किया है। उसके बाद से कई बैंकों ने डिपॉजिट्स पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इन सरकारी बचत योजनाओं पर भी ब्याज दरों को बढ़ाया जा सकता है। मौजूदा समय में पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) पर 7.1 फीसदी सलाना ब्याज दर मिलता है। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samridhi Yojana) पर फिलहाल 7.6 फीसदी और NSC पर 6.8 फीसदी सलाना ब्याज मिल रहा है। इसके अलावा किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra) पर 6.9 फीसदी ब्याज मिल रहा है। अब लोगों को उम्मीद है कि सरकार जुलाई से इन योजनाओं पर ब्याज दरें बढ़ा सकती है।
कोई भी इनडिविजुअल अपने बच्चे के भविष्य को देखते हुए उसके नाम से भी पीपीएफ अकाउंट खोल सकता है। 18 साल की उम्र तक पैरेंट्स को खाते की देख रेख करनी होती है। 18 साल बाद बच्चा खुद इस खाते को मैनेज कर सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के तहत अकाउंट किसी भी पोस्ट ऑफिस या कमर्शियल बैंक में खुलवाया जा सकता है। आमतौर पर जिन बैंकों में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) अकाउंट ओपन करने की सुविधा मिलती है। उनमें सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट खोलने की सुविधा भी है।