Sovereign gold bond scheme : रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine war) के बीच सॉवरेन गोल्ड बांड (एसजीबी) स्कीम 2021-22- सीरीज 10 कल यानी 28 फरवरी को खुलने जा रही है। वित्त वर्ष 22 की इस आखिरी किस्त में जारी एसजीबी (SGB) का इश्यू प्राइस 5,109 रुपये प्रति ग्राम है, जो 9वीं सीरीज के इश्यू प्राइस 4,786 रुपये प्रति ग्राम की तुलना में 323 रुपये ज्यादा है। भारत सरकार ने रिजर्व बैंक (RBI) के साथ सलाह के बाद ऑनलाइन आवेदन करने वाले निवेशकों को 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट (Discount on SGB) देने का फैसला किया है। हालांकि, इसके लिए उऩ्हें डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) करना होगा।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन टेंशन के चलते जारी अनिश्चितता के बीच किसी को यह अवसर गंवाना नहीं चाहिए और इश्यू के लिए जरूर सब्सक्राइब करना चाहिए। यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 28 फरवरी, 2022 से 4 मार्च, 2022 तक खुला रहेगा।
लॉन्ग टर्म के लिए करना चाहिए निवेश
लाइवमिंट की एक रिपोर्ट में आईआईएफएल सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा, “रूस-यूक्रेन युद्ध से बने हालात के लिए सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स के लिए 5,109 रुपये प्रति ग्राम का दाम एक अच्छा दांव हो सकता है। यदि आप सोने में बीते 5 साल के रिटर्न पर गौर करें तो यह 3,000 रुपये प्रति ग्राम से बढ़कर 5,100 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। इस प्रकार इनवेस्टर्स को इसमें 70 फीसदी का रिटर्न मिल चुका है। इसलिए, मौजूदा जिओपॉलिटिकल अनिश्चितता के माहौल में 5 साल के लिए इस गोल्ड बांड स्कीम में निवेश करना अच्छा दांव हो सकता है।”
कई कॉस्ट की बचत के रूप में होता है फायदा
मिलवुड केन इंटरनेशन के फाउंडर और सीईओ निश भट्ट ने कहा, “एसजीबी (SGB) के जरिये फिजिकल गोल्ड की तुलना में डिजिटल/पेपर गोल्ड में निवेश को प्रोत्साहन मिलना सरकार की बड़ी सफलता रही। 2015 में शुरुआत के बाद से इससे 32,000 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। पेपर गोल्ड यानी SGB एक अच्छा ऑप्शन है, क्योंकि इसमें स्टोरेज कॉस्ट नहीं होती। साथ ही बनवाई शुल्क नहीं लगता है।”
कहां से कर सकते हैं निवेश
RBI, भारत सरकार की ओर से SGB की 10वीं किस्त जारी करेगा। यह बांड सभी बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), डाकघर (Post Office) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के जरिये बेचे जाएंगे। स्माल फाइनेंस बैंक (Small finance banks) और पेमेंट बैंक (Payment banks) में इनकी बिक्री नहीं होती है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्त वर्ष के भीतर एक व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा 4 किग्रा गोल्ड बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं, न्यूनतम निवेश एक ग्राम होना जरूरी है। ट्रस्ट या उसके जैसी संस्थाएं एक वित्त वर्ष में 20 किग्रा तक के बॉन्ड खरीद सकती हैं।