Sukanya Samriddhi Yojana: केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से बेटियों के लिए खास सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana – SSY) की शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत नन्ही परी का भविष्य उज्ज्वल हो जाएगा। सरकार ने इसके नियमों काफी बदलाव किए है। जिससे इसमें निवेश करने वालों के लिए कई फायदे नजर आ रहे हैं। ऐसे में अगर आप इसमें निवेश करना चाहते हैं तो पहले इसमें हुए बदलाव के बारे में जानना बेहद जरूरी है।
बता दें कि सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना 7.6 फीसदी की सालाना ब्याज मिलती है। इस योजना में पोस्ट ऑफिस या बैंक में निवेश किया जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना से इनकम टैक्स के नियमों में 1.50 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।
पहले के नियम के अनुसार अगर आप कम से कम 250 रुपये हर साल अकाउंट में जमा नहीं करते तो अकाउंट डिफॉल्ट हो जाता था। लेकिन अब मैच्योरिटी तक जमा राशि पर ब्याज दिया जाएगा। इसमें एक साल में कम से कम 250 रुपये और अधिक से अधिक 1.50 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं।
18 साल की उम्र में बेटी ऑपरेट कर सकती है अकाउंट
अभी तक बेटी की उम्र 10 साल पूरी होने पर वह अपने अकाउंट को ऑपरेट कर सकती थी। लेकिन अब सुकन्या समृद्धि योजना के अकाउंट को बेटी की उम्र 18 साल पूरी होने पर ही ऑपरेट करने का अधिकार मिलेगा। इससे पहले बेटी के अभिभावक इस अकाउंट को ऑपरेट कर सकते हैं।
तीसरी बेटी के अकाउंट में टैक्स छूट
पहले दो बेटियों के अकाउंट पर इनकम टैक्स की धारा 80 C के तहत टैक्स में छूट मिलती थी। लेकिन अब तीसरी बेटी के जन्म और उसके नाम पर किए गए निवेश में भी इनकम टैक्स की धारा 80 C के तहत छूट हासिल की जा सकती है। वहीं जुड़वां बेटियां होती है तो उन दोनों के लिए भी अकाउंट खोला जा सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना के अकाउंट को पहले बेटी के गुजर जाने या उसका पता बदलने पर बंद किया जा सकता था। लेकिन अब अगर अकाउंट होल्डर्स को जानलेवा बीमारी हो जाए तो भी अकाउंट को बंद कराया जा सकता है। वहीं यदि अभिभावक गुजर जाये तो भी अकाउंट मैच्योरिटी से पहले बंद कराया जा सकता है।
नए नियमों में तहत अकाउंट में गलत ब्याज डालने पर उसे वापस पलटने के प्रावधान को हटाया गया है। इसके अलावा अकाउंट का सालाना ब्याज हर वित्त वर्ष के अंत में क्रेडिट किया जाएगा।