Zerodha के Nithin Kamath ने क्रिप्टो इनवेस्टर्स को किया आगाह, कहा- Coinbase हुई दिवालिया तो खतरे में पड़ेगी एसेट

अमेरिका के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज (crypto exchange) के शेयरों में अप्रैल, 2021 में IPO की लॉन्चिंग के बाद 78 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है

अपडेटेड May 12, 2022 पर 10:49 AM
नितिन कामत ने ट्विटर के जरिये एक बार फिर से क्रिप्टोकरेंसी मार्केट (cryptocurrency market) पर निशाना साधा है और दावा किया है कि कॉइनबेस के दिवालिया होने की स्थिति में कस्टमर्स की एसेट्स खतरे में पड़ सकती है

Zerodha के कोफाउंडर नितिन कामत (Nithin Kamath) ने अमेरिका के क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कॉइनबेस ग्लोबल (Coinbase Global) की संभावनाओं के खिलाफ भारतीय निवेशकों को आगाह किया है।

अमेरिका के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज (crypto exchange) के शेयरों में अप्रैल, 2021 में IPO की लॉन्चिंग के बाद 78 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। क्रिप्टोकरेंसी ब्रोकरेज ने इस हफ्ते पहली तिमाही के नतीजे जारी किए, जो अनुमान से कमजोर रहे। एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में कंपनी के रेवेन्यू में 27 फीसदी की गिरावट रही। पहली तिमाही में कॉइनबेस (Coinbase) को बिक्री और एक्टिव यूजर्स की संख्या में कमी के कारण 43 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ है।

क्रिप्टोकरेंसी मार्केट पर साधा निशाना


नतीजतन, नितिन कामत ने ट्विटर के जरिये एक बार फिर से क्रिप्टोकरेंसी मार्केट (cryptocurrency market) पर निशाना साधा है और दावा किया है कि कॉइनबेस के दिवालिया होने की स्थिति में कस्टमर्स की एसेट्स खतरे में पड़ सकती है।

उन्होंने भारतीय क्रिप्टो इनवेस्टर्स (Indian crypto investors) को कॉइनबेस में नाटकीय गिरावट को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

...तो खतरे में पड़ जाएगी कस्टमर एसेट्स

कामत ने ट्विटर पर कहा, “कॉइनबेस के दिवालिया होने की स्थिति में कस्टमर एसेट्स खतरे में पड़ सकती है। स्टॉक मार्केट में शेयर डिपॉजिटरी के पास एक डीमैट में होते हैं और ब्रोकर से जुड़ा कोई रिस्क नहीं होता है, जबकि क्रिप्टो एक्सचेंजेस में खतरा होता है।”

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पहली तिमाही में कॉइनबेस को 43 करोड़ डॉलर का घाटा

बाकी क्रिप्टोकरेंसी मार्केट की तरह Coinbase Global के लिए वास्तव में यह मुश्किल हफ्ता रहा है। कॉइनबेस को पहली तिमाही में 43 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ। एनालिस्ट 8 सेंट प्रति शेयर फायदे की उम्मीद कर रहे थे। ट्रेडिंग वॉल्यूम गिरने से रेवेन्यू में भी कमी आई और चौथी तिमाही की तुलना में एक्टिव मंथली यूजर्स की संख्या में 19 फीसदी की कमी आई है।

बैंकरप्सी के लिए फाइल नहीं खराब है, लेकिन अमेरिका के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में सिर्फ बी (B) शब्द का उल्लेख किया। अगर कॉइनबेस बड़ी मुश्किल में पड़ती है तो उसके कस्टमर्स के लिए एक बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।

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