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इनवेस्टमेंट एडवाइस लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाने से इनवेस्टर्स को काफी नुकसान

ज्यादातर लोगों की दिलचस्पी फ्री इनवेस्टमेंट एडवाइस में होती है। डिस्ट्रिब्यूटर्स फ्री इनवेस्टमेंट एडवाइस देते हैं लेकिन उनकी दिलचस्पी क्लाइंट के हित में न होकर अपने कमीशन में होती है। इसके उलट इनवेस्टमेंट एडवाइजर क्लाइंट के हित को ध्यान में रख निवेश से जुड़ी सलाह देता है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 22, 2023 पर 8:14 PM
इनवेस्टमेंट एडवाइस लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाने से इनवेस्टर्स को काफी नुकसान
कोरोना की महामारी के बाद फिर से लोगों की इनकम बढ़ने लगी है। इसलिए इनवेसमेंट एडवाइस में भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। लोग अच्छी क्वालिटी का एडवाइस चाहते हैं। लेकिन, इसकी बहुत कमी है।

SEBI ने काफी सोच-विचार के बाद अपने इनवेस्टमेंट एडवाइजर रेगुलेशंस में बदलाव किए थे। मार्केट रेगुलेटर ने इनवेस्टर्स के हित में यह कदम उठाया था। उसका मानना था कि इससे इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स की क्वालिटी में भी इजाफा होगा। लेकिन, कंप्लायंस बढ़ जाने की वजह से इनवेस्टमेंट एडवाइस के प्रोफेशन में लोगों की दिलचस्पी घट गई। सेबी के कदम का यह एक तरह से साइट इफेक्ट था। इनवेस्टमेंट एडवाइस की भी जरूरत तब बढ़ जाती है, जब लोगों की कमाई बढ़ती है। जब लोगों की कमाई नहीं बढ़ रही होती है तो इनवेस्टमेंट इडवाइस की जरूरत लोगों को नहीं रह जाती है।

क्वालिटी इनवेस्टमेंट एडवाइजर की कमी

लेकिन, कोरोना की महामारी के बाद फिर से लोगों की इनकम बढ़ने लगी है। इसलिए इनवेसमेंट एडवाइस में भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। लोग अच्छी क्वालिटी का एडवाइस चाहते हैं। लेकिन, इसकी बहुत कमी है। एक सही रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर (RIA) की दिलचस्पी क्लाइंट के हित में होनी चाहिए। एक सिंपल डिस्ट्रिब्यूटर की जगह एक RIA का फाइनेंशियल नॉलेज और एक्सपीरियंस के मामले में क्षमतावान होना जरूरी है। इसके एवजह में RIA एडवाइस के बदले फीस चार्ज करता है। उसे किसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी की तरफ से कोई कमीशन नहीं मिलता है। इससे हितों के टकराव की स्थिति पैदा नहीं होती है।

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