ITR Filing 2026: हेल्थ इंश्योरेंस पर कैसे मिलेगी 1 लाख रुपये तक की टैक्स छूट? नियम के साथ जानिए पूरा प्रोसेस

ITR Filing 2026: क्या आप हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम भरते हैं? तो ITR दाखिल करते समय धारा 80D के तहत टैक्स बचाने का मौका मिल सकता है। जानिए किन लोगों को छूट मिलती है, कितनी मिलती है और दावा करने के लिए किन नियमों का पालन करना जरूरी है।

अपडेटेड May 24, 2026 पर 10:09 PM
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टैक्स छूट पाने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम डिजिटल या बैंकिंग माध्यम से भरना जरूरी है।

ITR Filing 2026: हेल्थ इंश्योरेंस सिर्फ इलाज के बढ़ते खर्चों से सुरक्षा नहीं देता, बल्कि टैक्स बचाने में भी मदद करता है। आयकर अधिनियम की धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम भरने वाले लोगों को टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलता है। सही जानकारी होने पर आप हर साल अच्छी-खासी टैक्स बचत कर सकते हैं।

80D क्या है?

आयकर अधिनियम की धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती है। यह छूट अपने, जीवनसाथी, बच्चों और माता-पिता के लिए खरीदी गई हेल्थ पॉलिसी पर ली जा सकती है।


कितनी छूट मिलेगी?

अगर आपकी उम्र 60 साल से कम है, तो अपने, जीवनसाथी और बच्चों के लिए भरे गए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 25,000 रुपये तक की टैक्स छूट मिल सकती है।

अगर आप माता-पिता का भी हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भरते हैं, तो अतिरिक्त 25,000 रुपये तक की छूट मिलती है। यानी कुल 50,000 रुपये तक का डिडक्शन लिया जा सकता है।

वहीं, अगर माता-पिता की उम्र 60 साल या उससे ज्यादा है, तो उनके लिए 50,000 रुपये तक की छूट मिलती है। इस स्थिति में कुल टैक्स डिडक्शन 75,000 रुपये तक पहुंच सकता है। अगर करदाता और माता-पिता दोनों वरिष्ठ नागरिक हैं, तो यह सीमा 1 लाख रुपये तक हो सकती है।

कैसे मिलेगी टैक्स छूट?

टैक्स छूट पाने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम डिजिटल या बैंकिंग माध्यम से भरना जरूरी है। इसमें यूपीआई, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या चेक शामिल हैं। नकद भुगतान पर आमतौर पर टैक्स डिडक्शन नहीं मिलता।

हालांकि, प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप पर 5,000 रुपये तक का खर्च नकद में किया गया हो, तो उसे डिडक्शन में शामिल किया जा सकता है।

नई या पुरानी टैक्स व्यवस्था?

धारा 80D का फायदा सिर्फ पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनने वाले करदाताओं को मिलता है। नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में यह छूट उपलब्ध नहीं है। इसलिए टैक्स भरने से पहले यह जरूर जांच लें कि कौन-सी व्यवस्था आपके लिए ज्यादा फायदेमंद है।

कौन से दस्तावेज रखें?

हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम की रसीद, पॉलिसी दस्तावेज और भुगतान का प्रमाण संभालकर रखना चाहिए। आयकर रिटर्न भरते समय इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर टैक्स डिडक्शन का दावा किया जाता है।

हेल्थ इंश्योरेंस आपको बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी के समय आर्थिक सुरक्षा देता है। साथ ही, टैक्स बचाने का अतिरिक्त फायदा भी मिलता है। इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय धारा 80D के नियमों को समझना और उपलब्ध टैक्स छूट का पूरा लाभ उठाना अतिरिक्त फायदा करा सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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