FY23 का इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने में इन बातों का जरूर रखें ध्यान

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म को अपने पोर्टल पर इनेबल कर दिया है। इसलिए आपको तय समयसीमा के अंदर ITR फाइलिंग के लिए डॉक्युमेंट्स और इंफॉर्मेशन जुटाने शुरू कर देने चाहिए। इस साल एक बड़ा बदलाव यह आया है कि आपको पिछले साल के मुकाबले अपने ITR को वेरिफाय करने के लिए कम समय मिलेगा

अपडेटेड Jun 02, 2023 पर 2:32 PM
तय समयसीमा के अंदर रिटर्न नहीं फाइल करने पर जुर्माना लगता है। आपकी इनकम 5 लाख रुपये से कम है तो आपको 1000 रुपये की लेट फीस चुकानी होगी। अगर आपकी इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो लेट फीस 5000 रुपये होगी।

इनकम टैक्स फाइल (ITR) करने का समय नजदीक आ रहा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म को अपने पोर्टल पर इनेबल कर दिया है। इसलिए आपको तय समयसीमा के अंदर ITR फाइलिंग के लिए डॉक्युमेंट्स और इंफॉर्मेशन जुटाने शुरू कर देने चाहिए। इस साल एक बड़ा बदलाव यह आया है कि आपको पिछले साल के मुकाबले अपने ITR को वेरिफाय करने के लिए कम समय मिलेगा। इसलिए हम कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं, जिनका ध्यान आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के दौरान रखना फायदेमंद रहेगा :

ITR फाइलिंग से पहले

आपको रिटर्न फाइलिंग से पहले कुछ डॉक्युमेंट्स जुटा लेना जरूरी है। इनमें अपनी इनकम की डिटेल, इनवेस्टमेंट्स और डिडक्शंस से जुड़े डॉक्युमेंट्स शामिल हैं। इन्हें आपको ITR फाइल करने से पहले अपने एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और 26AS से मैच (reconcile) कराना होगा। कई बार AIS या 26AS में पूरी या सही जानकारी नहीं दिखती है। इन स्टेटमेंट्स को फाइल करने या टीडीएस रिटर्न फाइलिंग में गलती इसकी वजह हो सकती है। आपको पूरी तरह इन चीजों को चेक करने के बाद ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करनी चाहिए, क्योंकि अगर आप कोई जानकारी देना भूल जाते हैं या बाद में किसी इनकम के बारे में बताते हैं तो उस पर आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को इंटरेस्ट चुकाना पड़ सकता है। आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस भी मिल सकता है।

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इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के बाद

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 1 अगस्त, 2022 से ITR के ई-वेरिफिकेशन या हस्ताक्षर किया गया ITRV सीपीसी को भेजने की समयसीमा घटा दी है। इसे 120 दिन से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। अगर आप हस्ताक्षर किया गया ITRV भेजते हैं तो आपको इसे सिर्फ स्पीडपोस्ट (साधारण पोस्ट से नहीं) से भेजना होगा। स्पीड पोस्ट की रसीद को भी अपने पास सुरक्षित रखना जरूरी है, क्योंकि यह तय समयसीमा के अदर इस औपचारिकता को पूरा करने का आपका प्रूफ होगा। अगर आप 30 दिन के अंदर अपने ITR को वेरिफाय नहीं करते हैं तो ITR फाइलिंग की तारीख ई-वेरिफिकेशन की तारीख मानी जाएगी या पोस्टऑफिस की तरफ से जारी गई स्पीडपोस्ट रसीद की तारीख मानी जाएगी। इसलिए आपको यह चेक कर लेना जरूरी है कि इनवेलप पर आपने ITR फाइल करने वाले का नाम सही लिखा है या नहीं। अगर आपको हस्ताक्षर किया गया कई ITRV भेजना है तो आपको हर व्यक्ति के लिए इसे अलग से भेजना ठीक रहेगा।

तय समयसीमा के अंदर ITR फाइल नहीं करने पर सेक्शन 139 (1) के तहत क्या प्रावधान हैं?

(I) आप अपने लॉसेज को बाद के एसेसमेंट ईयर्स में फ्यूचर की इनकम के साथ सेट-ऑफ करने के लिए कैरी-फॉरवर्ड नहीं कर सकेंगे। इसमें बिजनेस लॉस, स्पेकुलेशन लॉस या कैपिटल लॉस शामिल हैं। इसलिए अगर आपको फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के दौरान शेयर ट्रेडिंग या इनवेस्टमेंट पर किसी तरह का नुकसान हुआ है और इसे आप कैरी-फॉरवर्ड करना चाहते हैं तो इसकी इजाजत तभी मिलेगी जब आपने तय समयसीमा के अंदर अपना ITR दाखिल किया है।

(II) अगर आपकी इनकम 5 लाख रुपये से कम है तो आपको 1000 रुपये की लेट फीस चुकानी होगी। अगर आपकी इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो लेट फीस 5000 रुपये होगी।

(III) अगर आपका कोई टैक्स रिफंड है तो इसमें देर होगी क्यों आपके ITR की प्रोसेसिंग बाद में होगी।

सेक्शन 139 (1) के तहत समयसीमा क्या है?

इंडिविजुअल, एचयूएफ या पार्टनरशिप फर्म जिन्हें इनकम टैक्स एक्ट के तहत अपने अकाउंट्स को ऑडिट कराना जरूरी नहीं है, उनके लिए फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2023 होगी। बाकी के लिए यह 31 अक्टूबर, 2023 होगी।

(अभिषेक अनेजा सीए हैं। वह इनकम टैक्स और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट भी हैं।)

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