Kotak Mahindra Bank: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्राइवेट सेक्टर बैंक कोटक महिंद्रा बैंक को अपने ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग चैनलों के माध्यम से नए ग्राहकों को जोड़ने और नए क्रेडिट कार्ड जारी करने से रोकने के बाद ज्यादातर कोटक महिंद्रा बैंक के मौजूदा ग्राहकों को मन में कन्फ्यूजन है। सबसे बड़ा सवाल है कि ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा? क्या कोटक 811 अकाउंट के ग्राहकों को परेशान होना चाहिए? क्या कोटक महिंद्रा बैंक के ग्राहक अब अपने क्रेडिट कार्ड को रिन्यू करा पाएंगे? कोटक महिंद्रा बैंक में अकाउंट खोलने का प्लान कर रहे ग्राहक क्या अकाउंट खोल पाएंगे? RBI की कार्रवाई का ग्राहकों पर क्या असर होगा?
क्या आरबीआई की कार्रवाई के बाद कोटक बैंक के नए ग्राहक अकाउंट ऑपरेट कर पाएंगे?
कोटक के जिन ग्राहकों को अपने अकाउंट डिजिटल रूप से खोले हैं, उन पर RBI के फैसले का असर नहीं होगा। वे इंटरनेट बैंकिंग और कोटक महिंद्रा बैंक के मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन के माध्यम से अपने अकाउंट को ऑपरेट कर सकते हैं।
क्या आपको अपने कोटक महिंद्रा बैंक के सेविंग अकाउंट की सर्विस मिलेगी?
RBI के उपाय के बाद कोटक महिंद्रा बैंक के मौजूदा अकाउंट पर खातों पर कोई असर नहीं होगा। बैंक ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वह अपने मौजूदा ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड, मोबाइल और नेट बैंकिंग सहित सभी सर्विस मिलने के आश्वस्त करना चाहते हैं।
क्या आप अभी कोटक 811 डिजिटल बचत खाता खोल सकते हैं?
कोटक 811 एक डिजिटल सेविंग अकाउंट है तो आरबीआई के प्रतिबंध के बाद अब नए ग्राहक कोटक 811 नहीं खोल पाएंगे।
क्या कोटक महिंद्रा बैंक के क्रेडिट कार्ड ग्राहकों पर असर पड़ेगा?
कोटक पर लगाए गए मौजूदा प्रतिबंधों का उसके मौजूदा ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। लेकिन क्रेडिट कार्ड रिन्यू करने के नियमों के बारे में बैंक से जानकारी लेनी होगी। हालांकि, कोटक बैंक की ब्रांच के मुताबिक मौजूदा कार्डहोल्डर को कार्ड रिन्यू करने में परेशानी नहीं आएगी।
RBI ने कोटक महिंद्रा बैंक की कुछ सर्विस पर लगाई रोक
केंद्रीय बैंक ने Kotak Mahindra Bank की कुछ सर्विस पर रोक लगा दी है। आरबीआई ने कहा है कि कोटक बैंक ने बार-बार कहने के बाद भी अपने डिजिटल ऑपरेशंस से जुड़ी कमियां दूर नहीं की। इस वजह से उसके खिलाफ सख्त कदम उठाया गया है। RBI ने कोटक महिंद्रा बैंक को तुरंत प्रभाव से ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग चैनल्स के जरिए नए ग्राहक नहीं बनाने को कहा है। इसके अलावा बैंक को नए क्रेडिट कार्ड्स जारी नहीं करने को भी कहा गया है। पिछले तीन सालों में RBI के रुख में बदलाव आया है। अब केंद्रीय बैंक नॉन-कंप्लायंस पर सख्त कदम उठा रहा है। वह बैंकों और एनबीएफसी की सेवाओं पर रोक लगा रहा है। पहले वह ऐसे मामलों में पेनाल्टी लगाता था।