Latest Interest Rates On Small Savings Schemes: दो साल से अधिक समय तक छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में किसी भी तरह बदलाव नहीं किया। हालांकि, हाल मे सरकार ने किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra) और टाइम डिपॉजिट जैसे छोटी बचत योजनाओं पर अक्टूबर-दिसंबर 2022 के लिए 30 बेसिस प्वाइंट तक रिवाइज किया है। यह कदम सरकार की तरफ तब आया है जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पिछले कुछ महीनों से रेपो रेट को बढ़ा रहा है। बैंक के बाद अब सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज बढ़ाया है।
छोटी बचत योजनाएं क्या हैं?
नागरिकों को नियमित रूप से बचत करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ये सरकार छोटी बचत योजनाएं चलाती है। छोटी बचत योजनाओं की तीन केटेगरी है। पहली- सेविंग डिपॉजिट, दूसरी- सोशल सिक्योरिटी और तीसरी मंथली इनकम प्लान। सेविंग डिपॉजिट में 1 से 3 साल की जमा और 5 साल की आरडी शामिल है। इसके अलावा नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) और किसान विकास पत्र जैसे सेविंग सर्टिफिकेट भी शामिल हैं। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में सार्वजनिक भविष्य निधि, सुकन्या समृद्धि खाता और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना शामिल हैं। मासिक आय योजना में मासिक आय खाता शामिल है।
किसान विकास पत्र (KVP) में कुछ जगह छोड़कर, सीनियर सिटीजन नागरिक बचत योजना, मासिक आय खाता योजना और दो और तीन साल के लिए जमा पर ब्याज को रिवाइज नहीं किया है। वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक दरों में 10-30 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड, बचत जमा, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र और सुकन्या समृद्धि खाता योजना सहित अन्य योजनाओं पर ब्याज दरें में बदलाव नहीं किया है।
लघु बचत योजनाओं के लिए नई ब्याज दरें क्या हैं?
डाकघर बचत जमा पर प्रति वर्ष पर सालाना 4 प्रतिशत की ब्याज दर ऑफर की जा रही है। 1 साल की जमा पर 5.5 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा। 2 साल की अवधि की जमा पर ब्याज में 20 आधार अंकों की बढ़ोतरी क गई है। अब इस पर 5.7 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। 3 साल की जमा पर 30 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की गई है। अब यह 5.8 प्रतिशत है। 5 साल की जमा सालाना पर 6.7 फीसदी का रिटर्न मिलेगा। पांच साल के रेकरिंग डिपॉजिट पर सालाना 5.8 फीसदी ब्याज मिलेगा।
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) और सुकन्या समृद्धि खाते पर क्रमशः 6.8 प्रतिशत और 7.6 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।। पीपीएफ के लिए ब्याज दर भी 7.1 फीसदी रखी गई है। सरकार ने किसान विकास पत्र के लिए ब्याज दरों और मैच्योरिटी में रिवाइज किया है। यह अब 123 महीने की मैच्योरिटी पर 7 प्रतिशत का ब्याज ऑफर कर रहाहै। जबकि, 124 महीने की मैच्योरिटी के लिए 6.9 प्रतिशत का ब्याज मिल रहा है। मंथली इनकम अकाउंट 6.7 फीसदी सालाना ब्याज दे रहा है, जबकि पहले यह 6.6 फीसदी था। पिछले हफ्ते आरबीआई ने रेपो दर को 50 आधार अंकों से बढ़ाकर 5.9 प्रतिशत कर दिया, जो लगातार चौथी बार बढ़ा है।