हीरल थानावाला

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और सबसे बड़े निजी बैंक HDFC बैंक ने लोन रीस्ट्रक्चरिंग की दिशा में सबसे पहले कदम उठा दिया है। SBI ने इस मामले में पहल करते हुए सोमवार को ही एक ऐलान कर दिया है। कोविड-19 महामारी का शिकार हुए लोन्स के निपटारे के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मंजूर किए गए प्लान के तहत HDFC बैंक ने अपने लोन और क्रेडिट कार्ड कस्टमर्स के लिए रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम लॉन्च कर दी है।

कुछ दिन पहले SBI कार्ड्स ने अपने क्रेडिट कार्ड होल्डर्स के लिए एक रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम उतारी थी। SBI की रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम में होम, एजूकेशन, ऑटो और पर्सनल लोन को कवर किया जाएगा। ऐसा ही HDFC बैंक की स्कीम में भी है। SBI ने कस्टमर्स के लिए अपनी वेबसाइट पर एक फैसिलिटी लॉन्च की है ताकि कस्टमर्स रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के लिए अपनी एलिजिबिलिटी को चेक कर सकें।

SBI के रिटेल और डिजिटल बैंकिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर सी एस शेट्टी बताते हैं, “महामारी के इस दौर में हमारे ब्रांच में आने से पहले कस्टमर्स वेबसाइट पर ही काफी कुछ चीजें चेक कर सकते हैं। उनको इससे काफी आसानी होगी।” अगर आप योग्य हैं तो आप रेफरेंस नंबर के साथ ब्रांच से संपर्क कर सकते हैं और रीस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

HDFC बैंक की लोन रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम  

HDFC बैंक ने भी एक पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल पर जाकर कस्टमर्स एक एप्लिकेशन फॉर्म भर सकते हैं। बैंक के जारी किए गए महत्वपूर्ण सवाल-जवाब (एफएक्यू) से पता चलता है कि बैंक जल्द ही एक लिंक अपनी वेबसाइट पर जारी करने वाला है।

अपने लोन को रीस्ट्रक्चर कराने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया क्या है?

आरबीआई के रेजॉल्यूशन फ्रेमवर्क के मुताबिक, ऐसे बौरोअर्स (उधार लेने वाले) जिनका लोन अकाउंट 1 मार्च 2020 को 30 दिन या उससे अधिक दिन के लिए डिफॉल्ट नहीं हुआ है और स्टैंडर्ड के तौर पर क्लासीफाइड रहा है और उनकी कमाई पर कोविड-19 से असर पड़ा है, वे इस रीस्ट्रक्चरिंग के लिए योग्य हैं। यह नियम सभी बैंकों के लिए एक समान है।

रिटेल बॉरोअर्स के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इस तरह से हैः सेल्फ एंप्लॉयड या प्रोफेशनल्स के लिए फरवरी 2020 के मुकाबले अगस्त 2020 में आपकी कमाई में गिरावट आई हो। लॉकडाउन की अवधि में आपकी सैलरी रुक गई हो। लॉकडाउन के दौरान आपकी नौकरी चली गई हो या कारोबार बंद हो गया हो या कारोबारी गतिविधि में कमी आई हो।

आपको 24 दिसंबर 2020 से पहले इस फ्रेमवर्क के तहत राहत के लिए आवेदन करना होगा।

HDFC बैंक ने यह भी कहा है कि 25,000 रुपए जितने न्यूनतम बकाया लोन राशि वाले लोग इस रीस्ट्रक्चरिंग में हिस्सा ले सकते हैं।

मैं SBI की वेबसाइट पर कैसे चेक कर सकता हूं कि क्या मैं लोन रीस्ट्रक्चरिंग के लिए योग्य हूं या नहीं?

अगर आप SBI कस्टमर हैं तो बैंक की वेबसाइट पर लॉगइन करने के बाद अपना लोन अकाउंट नंबर इसमें दर्ज करें। ऐसा करने के बाद एक वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।

ओटीपी वैलिडेशन के बाद आपको एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया से संबंधित जानकारियां मुहैया करानी होंगी। इससे आपको आपकी रीस्ट्रक्चरिंग की योग्यता के बारे में पता चलेगा और आपको एक रेफरेंस नंबर दिया जाएगा।

यह रेफरेंस नंबर 30 दिनों के लिए वैध होगा। इस अवधि के भीतर आपको बैंक की ब्रांच जाना होगा और बाकी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। ब्रांच में दस्तावेजों के वैरिफिकेशन होने के बाद रीस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

HDFC बैंक ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन महीनों की सैलरी स्लिप की जरूरत होगी। लेकिन, यह माना जा सकता है कि चूंकि यह एक लोन रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम कोविड-19 से प्रभावित बौरोअर्स के लिए है, ऐसे में महामारी की अवधि के दौरान आमदनी को हुए नुकसान के प्रमाण देने होंगे। दूसरे शब्दों में, पिछले साल सैलरी या कमाई में हुए नुकसान पर गौर नहीं किया जाएगा।

बैंक की ब्रांच में कौन से दस्तावेज जमा कराने होंगे?

अगर आप सैलरीड कस्टमर हैं तो आपको फरवरी और अगस्त 2020 की सैलरी स्लिप देनी होंगी। साथ ही अगर आपकी नौकरी गई है तो लेटर ऑफ डिस्चार्ज देना होगा। इसके अलावा, मासिक सैलरी आने वाले बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट भी देना होगा।

अगर आप एक कारोबारी हैं या सेल्फ एंप्लॉयड हैं तो आपको ये दस्तावेज जमा कराने होंगेः फरवरी 2020 से लेकर आवेदन जमा कराने की तारीख से 15 दिन पहले तक का बैंक स्टेटमेंट देना होगा। साथ ही आपको डिक्लेयरेशन देना होगा कि कोविड-19 की वजह से आपकी कारोबारी आमदनी पर बुरा असर पड़ा है या आपका कारोबार बंद हो गया है।

दोनों ही तरह से बौरोअर्स को मांगी गई मोरेटोरियम अवधि (अधिकतम 24 महीने) के बाद अनुमानित सैलरी या कमाई के बारे में एक सेल्फ-डिक्लेयरेशन देना होगा।

जहां तक HDFC बैंक का सवाल है, यह साफ नहीं है कि आपके दस्तावेज जमा कराने के बाद क्या होगा। इस बारे में तस्वीर साफ होने का इंतजार है।

मैंने लोन मोरेटोरियम ऑप्शन नहीं लिया था। लेकिन, मेरी कमाई घट गई है और मैं वित्तीय मुश्किल से गुजर रहा हूं। क्या मैं अपने लोन को रीस्ट्रक्चरिंग कराने का आवेदन डाल सकता हूं?

हां, जिन बौरोअर्स ने मोरेटोरियम नहीं लिया है वे भी रीस्ट्रक्चरिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन, कोविड-19 की वजह से उनकी कमाई पर बुरा असर पड़ा होना चाहिए।

अगर आप SBI कस्टमर हैं तो आप अपनी एलिजिबिलिटी को बैंक की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं। अगर आप यह साबित कर सकते हैं कि महामारी की वजह से आपकी कमाई में गिरावट आई है तो रेफरेंस नंबर जनरेट हो जाता है और आपको लोन रीस्ट्रक्चरिंग की बाकी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बैंक ब्रांच जाना पड़ता है।

रेफरेंस नंबर जारी होने के बावजूद भी क्या बैंक मेरी लोन रीस्ट्रक्चरिंग एप्लिकेशन को खारिज कर सकता है?

हां, SBI आपके रीस्ट्रक्चरिंग आवेदन को ऐसी स्थिति में खारिज कर सकता है अगर उन्हें पता चलता है कि आपने योग्यता की जांच करने के लिए अपनी जो कमाई ऑनलाइन दर्ज की है उसमें और आपके ब्रांच में मुहैया कराए गए कागजों में कुछ अनियमितता है।

वेबसाइट केवल अस्थाई योग्यता मुहैया कराती है। आपकी ब्रांच का फैसला इस मामले में आखिरी माना जाएगा।

रीस्ट्रक्चरिंग प्लान में क्या है?

इस फ्रेमवर्क के तहत मिलने वाली रियायतें कुछ इस तरह की हैः 24 महीने तक के लिए मोरेटोरियम, इंस्टॉलमेंट्स की रीशेड्यूलिंग और मोरेटोरियम वाली अवधि जितना टेन्योर में विस्तार, यह अधिकतम दो साल तक का हो सकता है।

मोरेटोरियम की अवधि के दौरान ब्याज आपके लोन अकाउंट में जुड़ता चला जाएगा। लोन रीस्ट्रक्चरिंग नियमों को बैंक आवेदन की समीक्षा के बाद तय करेगा और उधारी लेने वाला उस पर सहमति जताएगा। इन नियमों को बाद में बदला नहीं जा सकेगा।

लोन रीस्ट्रक्चरिंग चुनने के बाद मेरी EMI में क्या कोई बदलाव होगा?

हां. लोन का टेन्योर बढ़ जाएगा। मोरेटोरियम के बाद चुकाई जाने वाली EMI का फिर से कैलकुलेशन होगा और आपको वास्तविक रकम बैंक बता देगा।

क्या मुझे कोई अतिरिक्त खर्चा करना होगा?

हां. SBI ने आपके लोन के बकाया टेन्योर के लिए आपके मौजूदा ब्याज दर पर 0.35 फीसदी अतिरिक्त ब्याज दर लेने का फैसला किया है।

ये अतिरिक्त चार्ज रेपो रेट और मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) जैसे बाहरी बेंचमार्क से लिंक्ड लोन्स पर लागू होंगे।

HDFC बैंक ने भी कहा है कि वह एक फीस लेगा, लेकिन उसने इसका ब्योरा अभी जारी नहीं किया है।

नियमों और शर्तों को देखते हुए क्या मुझे अपने बकाया के लिए लोन रीस्ट्रक्चरिंग को लेना चाहिए या नहीं?

जहां तक मुमकिन हो, लोन रीस्ट्रक्चरिंग चुनने से बचिए। आपको दो साल तक अतिरिक्त कर्ज का बोझ झेलना पड़ेगा। इसके साथ ही आपको SBI में 35 बीपीएस का अतिरिक्त ब्याज भी उठाना पड़ेगा।

बेहतर रणनीति यह होगी कि आप गोल्ड समेत अपने लिक्विड इनवेस्टमेंट को निकाल दें। इन्हें बेच दें और अपने कर्ज का भुगतान कर दें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि आप कोई अतिरिक्त लोन न लें और आमदनी के सामान्य होने के बाद अपने निवेश को फिर से शुरू कर दें।

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