LPG Shortage: बाहर खाना जल्द हो सकता है महंगा! रेस्टोरेंट्स 20–30% तक बढ़ा सकते हैं कीमतें

LPG Shortage: अगर आप अक्सर बाहर रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं, तो आने वाले समय में आपकी जेब पर ज्यादा बोझ पड़ सकता है। देश के कई शहरों में रेस्टोरेंट्स मेन्यू की कीमतें 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं

अपडेटेड Mar 11, 2026 पर 11:15 AM
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LPG Shortage: अगर आप अक्सर बाहर रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं, तो आने वाले समय में आपकी जेब पर ज्यादा बोझ पड़ सकता है।

LPG Shortage: अगर आप अक्सर बाहर रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं, तो आने वाले समय में आपकी जेब पर ज्यादा बोझ पड़ सकता है। देश के कई शहरों में रेस्टोरेंट्स मेन्यू की कीमतें 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इसका बड़ा कारण कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी और गैस की बढ़ती कीमतें हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो अप्रैल से ही खाने की कीमतें बढ़ सकती हैं।

रेस्टोरेंट्स को गैस की भारी कमी

रेस्टोरेंट्स के लिए किचन में इस्तेमाल होने वाली कमर्शियल LPG गैस सबसे जरूरी चीज होती है। लेकिन हाल के दिनों में कई शहरों में इसकी सप्लाई अचानक कम हो गई है। होटल और रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि 9 मार्च के बाद से उन्हें पहले की तुलना में बहुत कम सिलेंडर मिल रहे हैं। कुछ रेस्टोरेंट्स को तो उनकी सामान्य सप्लाई का सिर्फ 20 प्रतिशत ही मिल पाया। इससे किचन चलाना मुश्किल हो गया है।


रोजाना कई सिलेंडर की जरूरत

रेस्टोरेंट्स में गैस की खपत काफी ज्यादा होती है। छोटे रेस्टोरेंट को रोजाना 6 से 8 सिलेंडर तक की जरूरत पड़ती है, जबकि बड़े रेस्टोरेंट में 10 से 12 सिलेंडर तक इस्तेमाल हो जाते हैं। ऐसे में अगर सप्लाई रुक जाती है, तो खाना बनाना ही मुश्किल हो जाता है। सुरक्षा नियमों के कारण रेस्टोरेंट्स गैस का ज्यादा स्टॉक भी नहीं रख सकते, इसलिए उन्हें नियमित सप्लाई पर ही निर्भर रहना पड़ता है।

गैस के दाम भी तेजी से बढ़े

सप्लाई कम होने के साथ-साथ कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत भी बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 2100 से 2300 रुपये तक पहुंच गई है। कुछ समय पहले यही सिलेंडर करीब 1850 रुपये में मिल रहा था और एक महीने पहले इसकी कीमत लगभग 1650 रुपये थी। यानी कम समय में गैस काफी महंगी हो गई है।

क्यों बढ़ रही है समस्या

इस गैस संकट की एक बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव भी माना जा रहा है। इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे टकराव से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे कच्चे तेल और गैस की सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर देश में भी देखने को मिलता है।

सरकार ने घरेलू सप्लाई को दी प्राथमिकता

सरकार ने फिलहाल घरेलू रसोई गैस की सप्लाई को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसलिए अतिरिक्त LPG उत्पादन को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की चिंता

रेस्टोरेंट और होटल इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों ने सरकार से गैस की सप्लाई सामान्य करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर संकट लंबा चला, तो रेस्टोरेंट्स को मेन्यू की कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी। भारत में फूड सर्विस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लाखों नहीं बल्कि करोड़ों लोग काम करते हैं। इसलिए लंबे समय तक गैस की कमी रहने से रोजगार और कारोबार दोनों पर असर पड़ सकता है।

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