दूरसंचार विभाग (Department of Telecom) ने ग्राहकों को बेहतर सुविधा देने के लिए मोबाइल की नई सिम लेने के नियमों (New SIM Issuance Rules) में बदलाव किया है। अब नया मोबाइल सिम लेने के लिए प्रीपेड या पोस्टपेड के लिए फिजिकल फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। अब कस्टमर्स डिजिटल फॉर्म भरकर आसानी से प्रीपेड या पोस्टपेट नंबर के लिए सिम ले सकते हैं।
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक सरकार ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। अभी हाल में ही टेलिकॉम विभाग ने KYC के नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक अगर आपको नया मोबाइल नंबर या सिम चाहिए तो कनेक्शन के लिए KYC पूरी तरह से डिजिटल होगी। यानी अब कोई भी डॉक्यूमेंट जमा नहीं करना होगा और कोई फॉर्म भी नहीं भरना होगा। इसके लिए आपको 1 रुपये का पेमेंट करना होगा। ग्राहक ये काम वेबसाइट या ऐप के जरिये कर सकते हैं।
इन स्टेप्स में पूरी कर सकते हैं KYC की प्रक्रिया
- सिम प्रोवाइडर का ऐप डाउनलोड करें और अपने फोन पर रजिस्टर करें।
- अपना या अपने परिवार के किसी सदस्य का नंबर दें जिस पर आप OTP देख सकें।
- अब सेल्फ KYC का ऑप्शन चुने और जानकारी भरकर प्रोसेस को पूरा करें।
18 साल से कम उम्र के लोगों को नहीं मिलेगा SIM
टेलिकॉम डिपार्टमेंट के मुताबिक टेलिकॉम ऑपरेटर 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति को सिम कार्ड जारी नहीं कर सकते। अगर व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो सिम कार्ड नहीं मिलेगा। अब नया सिम लेने से पहले कस्टमर एक्यूजिशन फॉर्म (CAF) भरना होगा। यह ग्राहक और कंपनी के बीच कॉन्ट्रैक्ट है जिसमें फॉर्म और शर्तें होती हैं।
- इंडियन कॉन्ट्रैक्ट लॉ 1872 के तहत कोई भी कॉन्ट्रैक्ट 18 से ज्यादा उम्र के लोगों के बीच होना चाहिए।
- भारत में एक व्यक्ति अधिकतम 12 सिम ले सकता है।
- 9 सिम का इस्तेमाल मोबाइल कॉलिंग के लिए कर सकता है।
- इन 9 सिम का इस्तेमाल मशीन-टू-मशीन कम्यूनिकेशन के लिए ही किया जा सकता है।