Small Saving Interest Rate: आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों को बरकरार रखा था। आज शुक्रवार को सरकार पीपीएफ, एनएससी आदि जैसी छोटी बचत योजनाओं पर जनवरी-मार्च 2024 के लिए ब्याज दरों में रिवीजन करेगी। ऐसी उम्मीद है कि सरकार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकती है। पीपीएफ, एनएससी आदि जैसी छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें बाजार से जुड़ी हुई 10 साल की G-Sec यील्ड पर निर्भर करती है। यही कारण है कि ऐसी उम्मीद है कि इन योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दर बढ़ सकती है।
सितंबर-नवंबर 2023 के दौरान जो जनवरी-मार्च 2024 के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम की दरों के लिए जिम्मेदार है। 5 साल के सरकारी बॉन्ड पर ये यील्ड 10 आधार अंक बढ़ी है। जबकि, 10-साल के बॉन्ड पर यील्ड 15 आधार अंक बढ़ी है। एक आधार अंक एक प्रतिशत अंक का सौवां हिस्सा है।
सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर फैसला लेने से पहले देश की लिक्विडिटी स्थिति और महंगाई पर भी नजर रखती है। हालांकि पीपीएफ, एनएससी और KVP समेत छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की हर तिमाही समीक्षा करती है। छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें चार प्रतिशत (डाकघर बचत जमा) और 8.2 प्रतिशत (वरिष्ठ नागरिक बचत योजना) के बीच हैं।
अभी छोटी बचत योजनाओं पर ये हैं ब्याज दरें
1 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी (Post Office FD) : 6.9 प्रतिशत
2 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी : 7 प्रतिशत
3 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी : 7 प्रतिशत
5 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी : 7.5 प्रतिशत
5 साल की आरडी (Post Office RD) : 6.7 प्रतिशत (पहले 6.5 फीसदी था ब्याज)
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC): 7.7 प्रतिशत
किसान विकास पत्र (KVP): 7.5 प्रतिशत (115 महीने में होंगे मैच्योर)
पीपीएफ (PPF) - 7.1 प्रतिशत
सुकन्या समृद्धि खाता (Sukanya Samridhi Yojna) : 8.0 प्रतिशत
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizen Saving Scheme) : 8.2 प्रतिशत
मंथली इनकम स्कीम (Post Office Monthly Scheme) : 7.4 प्रतिशत