जल्द ही आपकी नौकरी को लेकर कई नियम बदल सकते हैं। मोदी सरकार मजदूरी संहिता विधेयक (Labour Code) के नियमों को लागू करती है, तो आपके काम के घंटों से लेकर ओवरटाइम के नियम भी बदल जाएंगे। नए ड्राफ्ट कानून में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव पेश किया है। ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। आइए जानते हैं कि क्या नियम बदल सकते हैं..
अभी नियमों में में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है। ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। ड्राफ्ट नियमों में किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम कराने को प्रतिबंधित किया गया है। कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का विश्राम देने के निर्देश भी ड्राफ्ट नियमों में शामिल हैं।
वेतन घटेगा और पीएफ बढ़ेगा
लेबर कोड के नियमों में बेसिक सैलरी कुल वेतन का 50% या अधिक होना चाहिए। इससे ज्यादातर कर्मचारियों के वेतन का स्ट्रक्चर बदल जाएगा। बेसिक सैलरी बढ़ेगी तो PF और ग्रेच्यूटी में कटने वाला पैसा बढ़ जाएगा। इससे हाथ में आने वाली सैलरी कम हो जाएगी। हालांकि, PF बढ़ सकता है।
ग्रेच्युटी और पीएफ में योगदान बढ़ने से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पैसा भी बढ़ जाएगा। PF और ग्रेच्युटी बढ़ने से कंपनियों की लागत में भी वृद्धि होगी, क्योंकि उन्हें भी कर्मचारियों के लिए पीएफ में ज्यादा योगदान देना पड़ेगा। इन चीजों से कंपनियों की बैलेंस शीट भी प्रभावित होगी। यही कारण है कि इन नियमों को टाल दिया गया है। ये नियम 1 अप्रैल से लागू होने थे लेकिन राज्य सरकारों और कंपनी की तैयारी नहीं होने के कारण फिलहान इन्हे टाल दिया। मोदी सरकार इन नियमों को जल्द से जल्द लागू करना चाहती है।