चेंज के पैसे से म्यूचुअल फंड स्कीम में कर सकते हैं इनवेस्ट, जानिए क्या है 'चेंज इनवेस्टिंग'
Niyo App आपके ट्रांजेक्शन को नेक्स्ट 100 रुपये में राउंडऑफ करता है। हर बार यह फर्क एक जगह जमा होता है। फिर बड़ा अमाउंट बन जाने पर म्यूचुअल फंड में इसे इनवेस्ट कर दिया जाता है
MoneyControl News
अपडेटेड Apr 14, 2022 पर 4:52 PM
नियो आपको अपने साथ एक सेविंग अकाउंट खोलने के लिए कहता है। फिर उसके नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और यूपीआई से खर्च करने के लिए कहता है। यह आपको नियोएक्स सेविंग अकाउंट को ट्रैक करता है।
इनवेस्टमेंट के बारे में पूछने पर ज्यादातर लोगों के एक जैसे जवाब होते हैं। वे कहते हैं कि अभी इनवेस्टमेंट के लिए पैसे नहीं बच रहे हैं। सच यह है कि कभी ऐसा समय नहीं आता, जब आपको यह लगे कि इनवेस्टमेंट के लिए पैसा सरप्लस है। इसलिए छोटे-छोटे अमाउंट से भी इनवेस्टमेंट किया जा सकता है। कई ऐप यह सुविधा दे रहे हैं। इनमें Appreciate, Jar और Niyo शामिल हैं। इसे चेंज इनवेस्टिंग नाम दिया गया है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
चेंज इनवेस्टिंग क्या है?
खुदरा पैसे को चेंज भी कहा जाता है। इसी से इसे चेंज इनवेस्टिंग नाम दिया गया है। आप शॉपिंग करते हैं, बिजली बिल या स्कूल फीस जमा करते हैं। जब आप यह पेमेंट करते हैं तब फिनटेक कंपनियां उसे मॉनिटर करती हैं। फिर, वे आपको छोटा अमाउंट एसेट्स में इनवेस्ट करने के लिए कहती हैं। दरअसल, यह आपकी शॉपिंग, बिजली बिल, स्कूल फीस आदि के पेमेंट में बचा खुदरा पैसा होता है।
चेंज इनवेस्टिंग कैसे काम करती है?
ये ऐप एक अमाउंट फिक्स करते हैं। यह राउंड-ऑफ अमाउंट है, जो 10 रुपया, 50 रुपये या 100 रुपये हो सकता है। यह इस पर डिपेंड करता है कि ऐप क्या ऑफर करते हैं और आप क्या चूज करते हैं।
जब आप डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग अकाउंट से पैसे खर्च करते हैं तो ऐप आपके पेमेंट अमांउट और नेक्स्ट राउंडऑफ के फर्क को कैलकुलेट करता है। हर बार आपकी शॉपिंग पर यह कैलकुलेशन होता है। जब यह फर्क धीरे-धीरे बढ़कर 100, 500 या 1000 रुपये हो जाता है तो ऐप आपको यह पैसा किसी फाइनेंशिल एसेट में इनवेस्ट करने के लिए कहता है। ये फाइनेंशिय एसेट ऐप के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होते हैं।
Niyo App आपके ट्रांजेक्शन को नेक्स्ट 100 रुपये में राउंडऑफ करता है। हर बार यह फर्क एक जगह जमा होता है। फिर बड़ा अमाउंट बन जाने पर म्यूचुअल फंड में इसे इनवेस्ट कर दिया जाता है। आप रिस्क लेने की अपनी कैपेसिटी के हिसाब से फंड का चुनाव कर सकते हैं। अगर आपका अमाउंट 500 पहुंच जाता है तो यह म्यूचुअल फंड में इनवेस्ट कर दिया जाता है। ज्यादातर म्यूचुअल फंड मिनिमम 500 रुपये से इनवेस्ट करने की सुविधा देते हैं।
पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट पारिजात गर्ग ने कहा, "इनवेस्ट द चेंज फीचर युवाओं के लिए बहुत अच्छा है। वे डिजिटल ट्रांजेक्शन ज्यादा करते हैं। एक हफ्ते में कई बार वे 1000 रुपये से कम या 100-100 रुपये के कई ट्रांजेक्शन करते हैं। यह इनवेस्टर्स के लिए भी अच्छा है, जिन्हें हर महीने अपने इनवेस्टमेंट के बारे में याद रखना मुश्किल होता है।"
इस फैसिलिटी का कैसे करें इस्तेमाल?
Niyo की फैसिलिटी का इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले इस ऐप को इंस्टॉल करना होगा। फिर NiyoX सेविंग अकाउंट ओपन करना होगा। आपके नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और यूपीआई से होने वाले खर्च पर बैंक नजर रखता है। फिर वह इनवेस्टमेंट के लिए चेंज इकट्ठा करता रहता है। जब यह एक बड़ा अमाउंट हो जाता है तो इसे म्यूचुअल फंड में आप इनवेस्ट कर सकते हैं।
नियो में स्ट्रेटेजी हेड स्वप्निल भास्कर ने कहा, "आप किसी भी समय ऐप पर म्यूचुअल फंड स्कीम को बदल सकते हैं। इसके लिए आपको सेव द चेंज फीचर का इस्तेमाल करना होगा।" अगर आप स्कीम चेंज नहीं करते हैं तो जब कभी आपका पैसा पहले से तय स्तर तक पहुंच जाएगा, आपका पैसा उस स्कीम में चला जाएगा।
Appreciate अपने चेंज इनवेस्टिंग फीचर के लिए एसएमएस पर आने वाली ट्रांजेक्शन की जानकारी को पढ़ने के लिए आपकी इजाजत मांगता है। यह भी ऐप से जुड़े आपके नेट बैंकिंग, यूपीआई और डेबिट कार्ड से होने वाले खर्च को ट्रैक करता है। फिर नेक्स्ट 10 के अंतर को राउंडऑफ करता है और इस अमाउंट को इनवेस्ट करने के लिए आपको अकाउंट से विड्रॉ कर लेता है।
नियो आपको अपने साथ एक सेविंग अकाउंट खोलने के लिए कहता है। फिर उसके नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और यूपीआई से खर्च करने के लिए कहता है। यह आपको नियोएक्स सेविंग अकाउंट को ट्रैक करता है। फिर यह आपको चेंज इनेवेस्टिंग फीचर एक्टिवेट करने के लिए कहता है।
आप नो योर कस्टमर (KYC) प्रोसेस पूरा करने के बाद ऐप से इनवेस्ट करना शुरू कर सकते हैं। अभी यह ऐप बीटा में है। लेकिन, जल्द यह सभी इनवेस्टर्स के लिए उपलब्ध होगा।
क्या आपको चेंज इनवेस्टिंग का इस्तेमाल करना चाहिए?
यह कॉन्सेप्ट इंडिया में नया है। ये फिनटेक ऐप भी नए हैं। हालांकि, ये ऐप आपको स्मॉल अमाउंट इनवेस्ट करने की सुविधा देते हैं। लेकिन, इसके जरिए आप लॉन्ग-टर्म में बहुत ज्यादा वेल्थ नहीं बना सकते। यह ऐप युवाओं को टारगेट करता है। लेकिन, युवाओं को भी इनवेस्टमेंट की बुनियादी बातें जाननी जरूरी है।
गर्ग ने कहा कि आपको यह जानना भी जरूरी है कि कौन सा एसेट आपके लिए सही है। फिनटेक कंपनियां फ्यूचर में एसेट क्लास को बढ़ा सकती हैं, जिससे इनवेस्टर्स को ज्यादा विकल्प मिल सकता है। इसलिए आपको सिर्फ 5, 10 या 100 रुपये जोड़कर लाखों रुपये इकट्ठा करने के मार्केटिंग कंपेन पर ध्यान नहीं देना चाहिए।