देश में हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कुछ बदलाव या नए नियम लेकर आती है। मार्च महीने की पहली तारीख से भी ऐसा होने जा रहा है। कुछ नए नियम लागू होने जा रहे हैं, वहीं कुछ बदलावों के होने की संभावना है। इन बदलावों से हर कोई प्रभावित होने वाला है। आइए डालते हैं इन पर एक नजर....
1 मार्च 2025 से UPI सिस्टम में बीमा-ASB (एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक अमाउंट) नामक एक नई सुविधा जोड़ी जा रही है। इसके जरिए लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीहोल्डर अपने प्रीमियम पेमेंट के लिए पहले से ही पैसे को ब्लॉक रख सकेंगे। पॉलिसी होल्डर के अप्रूवल के बाद ही खाते से पैसे कटेंगे। इसे लेकर इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने 18 फरवरी को सर्कुलर जारी किया था।
इसमें कहा गया है कि सभी इंश्योरेंस कंपनियों को अपने ग्राहकों को 1 मार्च से बीमा-एसबीए की सुविधा ऑफर करनी होगी। इंश्योरेंस कंपनी के पॉलिसी इश्यू करने के बाद ही पॉलिसीहोल्डर के अकाउंट से पैसा बीमा कंपनी को ट्रांसफर होगा। इंश्योरेंस पेमेंट की इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए ग्राहक को इंश्योरेंस कंपनी के प्रपोजल फॉर्म में इस सुविधा को सेलेक्ट करना होगा। 1 मार्च से सभी इंश्योरेंस कंपनियों के प्रपोजल फॉर्म में यह सुविधा मिलेगी। ग्राहक के प्रपोजल फॉर्म में इस सुविधा को सेलेक्ट करने के बाद बीमा कंपनी UPI के जरिए वन-टाइम मैनडेट क्रिएट करेगी।
अक्सर हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमत में बदलाव होता है। हालांकि कभी-कभी यह जस की तस भी रहती है। हो सकता है कि 1 मार्च से LPG के दाम बढ़ जाएं। 1 फरवरी 2025 को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 7 रुपये तक की कटौती की गई थी। हालांकि 14 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत नहीं बदली थी।
हवाई ईंधन यानि एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में भी हर महीने की पहली तारीख को बदलाव होता है। 1 फरवरी से ATF की कीमत में 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद कीमत 5,078.25 रुपये प्रति किलोलीटर बढ़कर 95,533.72 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया था। ATF का दाम बढ़ने पर हवाई सफर महंगा होने की संभावना रहती है।
म्यूचुअल फंड्स अकाउंट में 10 नॉमिनी
1 मार्च से म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों में नॉमिनी जोड़ने से जुड़े नियमों में बदलाव हो सकता है। नए बदलाव के तहत कोई इनवेस्टर डीमैट या म्यूचुअल फंड फोलियो में मैक्सिमम 10 नॉमिनी एड कर सकता है। इन नॉमिनीज को जॉइंट होल्डर्स के रूप में देखा जा सकता है या फिर अलग-अलग सिंगल अकाउंट या फोलियो के लिए भी अलग-अलग नॉमिनी चुना जा सकता है। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की नई गाइडलाइंस 1 मार्च, 2025 से प्रभावी हो सकती हैं।