Nifty ने 11 सितंबर को 20,000 का लेवल छू दिया। इसे लेकर इनवेस्टर्स में उत्साह हैं। खासकर म्यूचुअस फंड्स के निवेशक इसका जश्न मना रहे हैं, क्योंकि मार्केट में आई तेजी से उनके निवेश का रिटर्न भी बढ़ा है। स्मॉलकैप और मिडकैप फंड्स के निवेशकों ने बहुत अच्छा रिटर्न कमाया है। पिछले तीन साल में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन लार्ज कैप के मुकाबले बहुत अच्छा रहा है। PPFAS Asset Management Company के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर राजीव ठक्कर ने बताया कि हाल में शेयरों ने बहुत अच्छे रिटर्न दिए हैं। इनवेस्टर्स को फ्यूचर में इस रिटर्न के जारी रहने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। दरअसल, कुछ खास सेगमेंट के बहुत अच्छे प्रदर्शन ने कुछ चिंता भी पैदा की है। सवाल है कि क्या म्यूचुअसल फंड इनवेस्टर्स को अब अपनी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी में बदलाव करनी चाहिए?
ज्यादा वैल्यूएशन को लेकर चिंता
मार्केट के प्रमुख सूचकांक जब ऑल-टाइम हाई पर पहुंच जाते हैं तो सबसे बड़ा सवाल वैल्यूएशन को लेकर होता है। यह पूछा जाता है कि वैल्यूएशन ज्यादा है या सही है? ACE MF के डेटा से पता चलता है कि निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) ने 2021 की शुरुआत से 48 फीसदी रिटर्न (absolute return) दिया है। इस दौरान Nifty Midcap 100 TRI ने 101 फीसदी और Nifty Smallcap 250 TRI ने 108 फीसदी रिटर्न दिया है।
स्मॉलकैप और मिडकैप ने निवेशकों को किया मालामाल
स्मॉलकैप और मिडकैपट स्टॉक्स में आई तेजी की वजह इन फंडों में निवशकों का जबर्दस्त निवेश है। पिछले दो साल में निवेशकों ने मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों में सबसे ज्यादा निवेश किया है। इसके अलावा इन कंपनियों पर इनफ्लेशन का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है। विदेश संस्थागत निवेशकों की वापसी से भी स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों की कीमतों पर असर पड़ा है।
लार्जकैप में दिख रही अच्छी संभावना
क्वांटम म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजर क्रिस्टी मथाई ने कहा कि अगर फ्यूचर की बात करें तो लार्जकैप स्टॉक्स स्मॉलकैप और मिडकैप के मुकाबले बेहतर स्थिति में दिख रहे हैं। कंपनियों का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा है। लेकिन, शेयरों की कीमतें ज्यादा दिख रही हैं। हालांकि, शॉर्ट टर्म में मार्केट की चाल के बारे में कुछ कहना मुश्किल है। घरेलू कंजम्प्शन आधारित कंपनियों के शेयर भी महंगे दिख रहे हैं।
क्या आपको निवेश की रणनीति में बदलाव करनी चाहिए?
मार्केट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इनवेस्टर्स को म्यूचुअल फंड्स में निवेश में निवेश की अपनी रणनीति में बदलाव करनी चाहिए। हालांकि, यह इनवेस्टर्स के फाइनेंशियल गोल, रिस्क लेने की कैपेसिटी और वर्तमान इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो पर निर्भर करता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो निवेशक SIP के जरिए निवेश कर रहे हैं, उन्हें अपनी रणनीति में किसी तरह का बदलाव करने की जरूरत नहीं है। इसकी वजह यह है कि इससे उन्हें लंबी अवधि में रूपी-कॉस्ट एवरेजिंग का फायदा मिलता है।
यह ध्यान में रखना जरूरी है कि SIP रिटर्न की गारंटी नहीं है। लेकिन, लंबी अवधि में यह उम्मीद की जाती है कि मार्केट ऊपर जाएगा। इससे SIP के निवेशकों को फायदा होता है। एकमुश्त निवेश करने वाले लोगों को मार्केट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए एक बार में पूरा निवेश नहीं करने की सलाह है।
मार्केट में अभी नहीं बना बुलबुला
रूपी विद ऋषभ इनवेस्टमेंट सर्विसेज के ऋषभ देसाई ने कहा कि हालांकि लार्जकैप में उतनी तेजी नहीं आई है, जितनी मिड और स्मॉलकैप में आई है, फिर भी तीनों कैटेगरी के स्टॉक्स की वैल्यूएशन उनके लॉन्ग टर्म एवरेज से ज्यादा हो गई हैं। मार्केट में अभी बुलबुला नहीं बना है, लेकिन यह सही है मार्केट महंगा हो गया है। यही वजह है कि मैं क्लाइंट्स के पैसे एकमुश्त निवेश करने के लिए तैयार नहीं हूं।