वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यू ईयर 2025 की शुरुआत से पहले टैक्सपेयर्स को तोहफे दिए हैं। दरअसल, वित्तमंत्री ने टैक्सपेयर्स के लिए कई डेडलाइन बढ़ाई है। इससे टैक्सपेयर्स को बेफिक्र होकर परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ नए साल का जश्न मनाने का पूरा वक्त मिला है। आइए जानते हैं कि निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स के लिए कौन-कौन सी डेडलाइन बढ़ाई हैं।
1. बिलेटेड/रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने रेजिडेंट इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए बिलेटेड/रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन बढ़ा दी है। इसकी डेडलाइन 31 दिसंबर, 2024 थी। इसे बढ़ाकर 15 जनवरी, 2025 कर दी गई है।
इस स्कीम की डेडलाइन बढ़ाकर 31 जनवरी, 2025 कर दी गई है। इससे टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स से जुड़े अपने विवाद के निपटारे के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। सरकार ने इनकम टैक्स से जुड़े विवाद के मामलों में कमी लाने के लिए यह स्कीम शुरू की है।
3. कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) 2024
कंपनी मामलों के मंत्रालय ने फॉर्म सीएसआर-2 फाइल करने की डेडलाइन बढ़ा दी है। कंपनीज एक्ट, 2013 के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी रूल्स के तहत आने वाली कंपनियों के लिए फॉर्म सीएसआर-2 फाइल करना जरूरी है। अब इसके लिए डेडलाइन बढ़ाकर 31 मार्च, 2025 कर दी गई है। इससे कंपनियों को काफी राहत मिली है।
हालांकि, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की डेडलाइन बढ़ाने की सभी मांगें पूरी नहीं की है। कई डेडलाइन को 31 दिसंबर, 2024 से आगे नहीं बढ़ाया गया है।
-जीएसटी के तहत जीएसटीआर-9 और जीएसटीआर-9सी फाइल करने की डेडलाइन नहीं बढ़ाई गई है। इससे बड़ी संख्या में जीएसटी टैक्सपेयर्स को निराशा हुई है।
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- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फर्मों, कंपनियों, सोसायटीज, एनजीओ आदि के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन नहीं बढ़ाई है। एनआरआई के लिए डेडलाइन नहीं बढ़ाई गई है। अगर इन्होंने 31 दिसंबर, 2024 तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं की है या उसे रिवाइज नहीं किया है तो उन्हें अपटेडेड रिटर्न फाइल करना होगा अतिरिक्त टैक्स के रूप में सरकार को पेनाल्टी चुकानी होगी।
(लेखक सीए हैं। वह पर्सनल फाइनेंस खासकर इनकम टैक्स से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट भी हैं)