NPS का मैक्सिमम फायदे उठाने के लिए न सिर्फ इसमें रेगुलर निवेश करना जरूरी है बल्कि 60 साल के होने पर पेंशन पेआउट के बारे में सही फैसला लेना भी जरूरी है। एनपीएस में 60 साल के होने पर आपको अपने फंड का 60 फीसदी एकमुश्त मिल जाता है। यह अमाउंट टैक्स-फ्री होता है। बाकी 40 फीसदी का इस्तेमाल एन्युटी खरीदने के लिए होता है। आप 14 रजिस्टर्ड एन्युटी प्रोवाइडर्स (ASP) में से किसी एक से इसे खरीद सकते हैं। इससे आपको जिंदगी भर पेंशन मिलती रहेगी। यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह पेंशन इनकम टैक्स के दायरे में आती है। इस पर आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा।
ASP सेलेक्ट करने के अलावा आपको ऐसा एन्युटी पेआउट ऑप्शन का भी चुनाव करना पड़ता है, जो आपकी और आपके परिवार के लिए सबसे अच्छा हो। अगर एन्युटी खरीदने के लिए आपका फंड कम से कम 10 लाख रुपये है तो आप एक से ज्यादा एन्युटी पेआउट मोड का चुनाव कर सकते हैं। इसमें से आप कम से कम 5 लाख रुपये का इस्तेमाल हर ऑप्शन को खरीदने के लिए कर सकते हैं।
अगर आप इस ऑप्शन का चुनाव करते हैं तो इसमें आपको पेंशन मिलेगा, लेकिन पेंशनर की मौत पर पैसा वापस नहीं मिलेगा। इससे पती/पत्नी (Spouse) या वारिस को पेंशनर की मौत हो जाने पर कोई अमाउंट नहीं मिलता है। यह पॉलिसी ऐसे पेंशनर के लिए अच्छी है, जिनके कोई डिपेंडेंट्स नहीं हैं। उदाहरण के लिए मान लीजिए आपकी उम्र 60 साल है और आप एक महिला हैं। आपने SBI Life Insurance से एन्युटी खरीदी है और आपका शुरुआती निवेश 10 लाख रुपये है। ऐसे में आपको इस ऑप्शन में 6,526 रुपये हर महीने पेंशन मिलेगी। यह 7.83 फीसदी का रिटर्न है।
मेनस्टे टैक्स एडवाइजर्स के पार्टनर कुलदीप कुमार ने कहा, "आपको रिटायरमेंट पर सही ऑप्शंस का चुनाव करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति का सही अंदाजा लगा लेना चाहिए। अगर आपका इनफ्लो रोजाना के खर्च के लिए पर्याप्त नहीं है तो आप फंड के रिटर्न ऑप्शन के बगैर एन्युटी फॉर लाइफ पर विचार कर सकते हैं। इससे आपका पेंशन अमाउंट ज्यादा होगा। दूसरी स्थिति में अगर आपके पास पर्याप्त पैसे हैं तो आप कम पेंशन से अपना काम चला सकते हैं। इसमें आप बड़ा फंड अपनी पत्नी/पति या बच्चों के लिए छोड़ सकते हैं।"
पेंशनर की मौत पर पति/पत्नी को 100 फीसदी पेमेंट के साथ लाइफ एन्युटी
इस ऑप्शन में एन्युटी तब तक मिलती रहेगी, जब तक प्राइमरी पेंशनर या उसकी पत्नी/पति (Spouse) में से कोई एक जीवित रहता है। अगर प्राइमरी पेंशनर की मौत हो जाती है तो पत्नी/पति (Spouse) को जिंदगी फर ऑरिजिनल पेंशन का 100 फीसदी मिलता रहेगा। हालांकि, पत्नी/पति (Spouse) के निधन के बाद बच्चों को कोई पैसा नहीं मिलेगा। यह ऑप्शन उन लोगों के लिए बेहतर है, जिनके बच्चे अच्छी तरह से सेटल हो चुके हैं। अगर आपका ASP एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस है तो आपको हर महीने 5,987 रुपये पेंशन मिलेगी।
एन्युटी फॉर लाइफ विद रिटर्न ऑफ पर्चेज (RoP) प्राइस
पर्चेज प्राइस का ऑप्शन एन्युटी फॉर लाइफ से अलग है। इसमें आपने शुरुआत में एन्युटी खरीदने के लिए जिस एकमुश्त अमाउंट का इस्तेमाल किया था, उसे नॉमिनी को दे दिया जाएगा। ऑप्शन उन लोगों के लिए अच्छा है जो अपनी जिदंगी में पेंशन इनकम चाहते हैं और निधक के बाद पत्नी/पति (Spouse) या बच्चों के लिए पैसे छोड़ना चाहते हैं। PFRDA के मुताबिक, 70 फीसदी एनपीएस सब्सक्राइबर्स ने इस ऑप्शन का चुनाव किया है।
पेंशनर की मौत पर एन्युटी फॉर लाइफ विद 100% का पेमेंट पत्नी/पति (Spouse) को, RoP के साथ
इस ऑप्शन में पेंशन तब तक मिलती रहेगी, जब तक पेंशनर या उसके पत्नी/पति (Spouse) जीवित रहता है। प्राइमरी पेंशनर की मौत हो जाने पर उसके पत्नी/पति (Spouse) को जिंदगी भर 100 फीसदी ऑरिजिनल एन्युटी मिलती रहेगी। पत्नी/पति (Spouse) के भी निधन पर शुरुआती इनवेस्टमेंट अमाउंट नॉमिनी को दे दिया जाएगा। अगर आप अपना रिटायरमेंट फंड अपने बच्चों को देना चाहते हैं तो यह ऑप्शन आपके लिए सही रहेगा। लेकिन, जैसा ऊपर बताया गया है कि रिटर्न ऑफ कैपिटल की वजह से आपका पेंशन अमाउंट कम हो जाएगा।
इस ऑप्शन में सब्सक्राइबर को पूरी जिदंगी पेंशन मिलती रहेगी। उसकी मौत होने पर पत्नी/पति (Spouse) को एन्युटी पाने का हक होगा। पत्नी/पति (Spouse) के निधन पर पेंशन सब्सक्राइबर्स की मां को मिलेगी। उसकी मौत के बाद उसके पिता को मिलेगी। लास्ट सर्वाइवर (Survivor) के निधन के बाद एन्युटी खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम उसके बच्चों या नॉमिनी को वापस कर दी जाएगी। लेकिन, इस ऑप्शन में भी आपकी पेंशन इनकम कम होगी। इस उदाहरण में एसबीआई लाइफ का मंथली पेआउट 5,383 रुपये (6.46 फीसदी) होगा।