One Rank One Pension: सेना से रिटायर्ड लोगों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें सरकार ने बढ़ी हुई पेंशन के तौर पर नए साल का तोहफा दिया है। केंद्र सरकार के इस फैसले से सेना से जुड़े 25 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा होने वाला है। सरकार का कहना है कि वन रैंक वन पेंशन के रिवाइज होने से शहीद हुए सैनिकों की विधवाओं को फायदा होगा। इसके साथ ही विकलांग हुए सैनिकों को भी फायदा मिलेगा। ऐसे में सवाल ये उठता है कि रिवाइज्ड वन रैंक वन पेंशन (One Rank One Pension) के लागू होने से किसे, कितना लाभ मिलेगा? इस बदालव वाली पॉलिसी में आखिर क्या नया है?
ये फैसला उन सभी पूर्व सैन्यकर्मियों पर लागू होगा जो 1 जुलाई 2014 के बाद रिटायर हुए हैं। हालांकि, जिन सेना के जवानों ने 1 जुलाई 2014 के बाद अपनी इच्छा से रिटायरमेंट लिया है। उन्हें इसका फायदा नहीं मिल पाएगा। वहीं सरकार पर करीब 8500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'वन रैंक वन पेंशन' के तहत रक्षा कर्मियों, पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन में अगले संशोधन को मंजूरी दे दी है। OROP योजना के तहत पेंशन में संशोधन से 30 जून 2019 तक रिटायर होने वाले सशस्त्र बल कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। हालांकि, संशोधन में 1 जुलाई 2014 से समय से पहले रिटायर होने वालों को शामिल नहीं किया गया है। संशोधन से 25.13 लाख से ज्यादा सैन्य कर्मियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनरों को लाभ मिलेगा। इसमें 4.52 लाख से अधिक नए लाभार्थी भी शामिल हैं। 2019 से जितना एरियर बनता है वो भी दिया जाएगा। जुलाई 2019 से जून 2022 तक बकाया के रूप में 23,638 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है।
जानिए किसे कितनी मिलेगी पेंशन
सिपाही को 01 जनवरी 2016 को 17,699 रुपये पेंशन मिलती थी, जो 01 जुलाई 2019 को बढ़कर 19,726 हो गई। अब यह 01 जुलाई 2021 से रिवाज्ड होकर 20,394 रुपये हो गई है। इसी तरह 01 जुलाई 2019 से 30 जून 2022 तक संभावित बकाया 87,000 रुपये बनता है, जो एरियर के रूप में दिया जाएगा।